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अब ‘चिनगारी’ बनी किसानों की दुश्मन, लगातार दूसरे दिन खेत में आग से फसल राख

आग से करीब 6 बीघा फसल प्रभावित हुई है।
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कोटा

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Rajesh Tripathi

Apr 06, 2019

kota news

अब 'चिनगारी' बनी किसानों की दुश्मन, लगातार दूसरे दिन खेत में आग से फसल राख

खातौली. किशनपुरा के माळ क्षेत्र में ऐ खेत में आग लगने से गेहूं की फसल नष्ट हो गई। किसान बनवारी नागर ने बताया कि उसने मुनाफा काश्त पर गेहूं की फसल की थी। कटाई की तैयारी थी किन्तु शनिवार सुबह आग लगने से फसल नष्ट हो गई। सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि फसल जल रही थी। खातौली पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी किन्तु आग पर काबू पाने तक करीब बारह बीघा फसल जल गई। पीडि़त के मुताबिक जानकारी करने पर लोगों ने उसे बताया कि पास के खेत में लगी विद्युत लाइन से कम्बाइन मशीन गुजरने के दौरान टच हो गई। स्पार्र्किंग से खेत में आग लग गई। इधर, खातौली पुलिस ने बताया कि पीडि़त की शिकायत मिली है। आग से करीब 6 बीघा फसल प्रभावित हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। आपकों बता दें कि गेंहू की फसल में आग लगने की यह तीसरी घटना है।

चिनगारी से डरे किसान
इधर अरणखेड़ा क्षेत्र के किसानों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देकर क्षेत्र में मशीन से भूसा बनाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में गेहंू की फ सल पूरी तरह पक कर सूख गई है। इस फसल के लिए छोटी सी चिनगारी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। किसानों ने बताया कि बाहर से आए हार्वेस्टर मशीन वाले व कुछ स्थानीय लोग जैसे ही किसी एक खेत में कम्बाइन मशीन गेहंू की पसल की कटाई करती है तो उसके तुरन्त बाद ही भूसा बनाने वाले खेत में पहुंच जाते हैं।


भूसा बनाने के दौरान मशीन में कोई पत्थर का टुकड़ा आने पर चिनगारी निकलती है। इस चिनगारी से आग लगने का अंदेशा रहता है। क्षेत्र में पिछले वर्ष ऐसी ही चिनगारी से फसल में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इस समस्या को लेकर स्थानीय किसानों ने भूसा बनाने की मशीन पर एक सप्ताह के लिए प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन दिया है।

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