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राजस्थान में पॉक्सो का पहला मामला जिसमें दो दोषियों को सुनाई मौत की सजा

बूंदी. आदिवासी किशोरी से बलात्कार के बाद हत्या और उसके बाद भी फिर से सामूहिक बलात्कार के 127 दिन पुराने मामले में बूंदी के पॉक्सो न्यायालय संख्या- 2 ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में आरोपी सुल्तान एवं छोटूलाल भील को मृत्य दंड की सजा से दंडित किया। यह प्रदेश का पहला मामला होगा जिसमें पॉक्सो न्यायालय ने एक साथ दो आरोपियों को मृत्युदंड से दंडित किया।

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कोटा

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Deepak Sharma

Apr 29, 2022

राजस्थान में पॉक्सो का पहला मामला जिसमें दो दोषियों को मिली सजा ए मौत

नाबालिग से बलात्कार और हत्या के इस मामले पर थी पूरे प्रदेश की निगाह, बूंदी के पॉक्सो न्यायालय संख्या - 2 ने सुनाया फैसला

बूंदी. आदिवासी किशोरी से बलात्कार के बाद हत्या और उसके बाद भी फिर से सामूहिक बलात्कार के 127 दिन पुराने मामले में बूंदी के पॉक्सो न्यायालय संख्या- 2 ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में आरोपी 27 वर्षीय सुल्तान एवं 62 वर्षीय छोटूलाल भील को मृत्य दंड की सजा से दंडित किया।
यह प्रदेश का पहला मामला होगा जिसमें पॉक्सो न्यायालय ने एक साथ दो आरोपियों को मृत्युदंड से दंडित किया। इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर बताया कि इस केस में सरकार ने विशेष वकील नियुक्त किया। केस ऑफिसर स्कीम में एक अधिकारी लगाया गया। इसके फैसले पर पूरे प्रदेश की नजर थी। राज्य सरकार ने इस मामले में विशेष पीपी के रूप में जयपुर से महावीर सिंह किशनावत को नियुक्त किया था।

क्रूर घटना से समाज पर पड़ा गहरा असर
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि भारत में महिलाओं के सम्मान के प्रति विश्व में हमेशा शिखर पर रहा है। भारतीय समाज मानता है कि जहां नारियां पूजी जाती हैं वहां देवताओं का वाश होता है। यहां ऐसी क्रूर घटना से समाज पर कितना गहरा असर पड़ा होगा, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।
यह था मामला
प्रकरण के अनुसार कालाकुआं (भीमलत) के जंगल में 23 दिसम्बर 2021 की देर शाम 15 वर्षीय आदिवासी किशोरी से तीन जनों ने बलात्कार कर नृशंस हत्या कर दी। उसका नग्न व जख्मी शव जंगल में मिला था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 22 गवाह और 79 दस्तावेज पेश किए गए। मासूम शौच के लिए घर से निकली थी। उसे जंगल में अकेला पाकर नशे में तीन दरिंदों ने पकड़कर बारी-बारी से बलात्कार किया। विरोध करने पर उसे नोंचा और शरीर जख्मी कर दिया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम में 19 चोटें मिली। हत्या के बाद भी किशोरी से सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हुई थी। जो दिल दहला देने वाली वारदात थी। पुलिस ने 12 घंटे में वारदात का खुलासा किया, फिर केस ऑफिसर स्कीम में लेकर मात्र 14 दिन में न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद दो आरोपियों को दोषी माना। दोनों को मृत्युदंड से दंडित किया। वारदात में शामिल एक आरोपी नाबालिग था, जिसका प्रकरण जेजे कोर्ट में चल रहा है।