कोटा. पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन भैयादोज के साथ बुधवार को होगा। बहन, भाईयों को इस खास अवसर पर टीका लगाएंगी। मुंह मीठा करवाया जाएगा और लंबी उम्र की कामना की जाएगी। भाई भी बहनों को उपहार देंगे। उपहार देने के साथ भाई, बहनों की रक्षा का संकल्प लेंगे। अन्नकूट के बाद कई महिलाओं ने भाई दोज की तैयारी की। कहीं भाई बहन से तो कहीं बहन भाग को टीका करने के लिए जाएंगी। इससे पहले मंगलवार घर व मंदिरों में अन्नकूट उत्सव मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। इस दौरान म्हांरा गोवर्धनजी महाराज थांके माथे मुकुट बिराज रह्यो… जैसे भजनों की रसधार भी गूंजती रही।
इंद्र विहार, राजीवगांधी नगर िस्थत आईएल मंदिर में मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अन्नकूट महेत्सव में शामिल हुए। भगवान को भोग लगाकर श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इसे पहले देर तक महिलाओं ने भजन कीर्तन किए। घरों पर भी लोगों ने गोवर्धन पूजन किया व अन्नकूट का भोग लगाया। मौसमी फल, अनाज का भोग लगाया गया। इस दौरान मन्दिर प्रबंधन समिति के संरक्षक सुरेंद्र शर्मा, मुख्य पुजारी पंडित मनोज तिवारी, मुकेश माथुर, मोहन पंचोली, अरविंद अग्रवाल, ऋषि उपाध्याय समेत अन्य लोग मौजूद रहे। शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्रीमथुराधीश मन्दिर में सोमवार को अन्नकूट मनोरथ हुआ। मिलन कुमार गोस्वामी ने बताया कि दीपोत्सव पर प्रभु को जगाया गया। ठाकुरजी को हटड़ी में विराजमान कर आरती की गई। सम्पूर्ण शृंगार के साथ ठाकुरजी के दर्शन करवाए गए। पगड़ी पर “गोकर्ण मुकुट” धारण कराया गया।। राजभोग आरती के बाद तिबारी ठाकुरजी को सेव, बूरा और घी का भोग लगाया। बड़ी सख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
रंगबाड़ी में बांके बिहारी मंदिर में अन्नकूट का आयोजन किया। मंदिर समिति की ओर से राजेन्द्र खंडेलवाल ने बताया कि बाजरा एवं मूंग से तैयार किया शुद्ध देसी घी का खिचड़ी का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया।
किशोरपुरा गोविन्द धाम स्थित इस्कॉन सेंटर पर गोवर्धन पूजा व अन्नकूट का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने गोवर्धन पूजन कर परिक्रमा लगाई। इस्कॉन के सह मैनेजर मायापुरवासी ने बताया कि गोवर्धन लीला प्रकृति की रक्षा का संदेश देती है।मुकुन्दरा विहार िस्थत हरेकृष्ण मंदिर में आयोजन हुए।
|राधा माधव गौ सेवा समिति एवं पोकरा सोशल ग्रुप की ओर से नागा जी के बाग में अन्नकूट महोत्सव मनाया। इस मौके पर गो पूजन व सुंदरकांड कांड का पाठ किया। समाज की ओर से सुनील पोकरा ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथि राधेश्याम पोकरा, नाथ पोकरा, रामस्वरूप गुप्ता, जगदीश गुप्ता, गोपाल पोकरा सहित समाज के प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।
पांच दिवसीय महापर्व का छाया उजियारा
पांच दिवसीय महोत्सव के तहत रविवार को दीपोत्सव मनाया गया। लोगों ने देवी लक्ष्मी का पूजन कर सुख समृदि्ध की कामना की। सुबह से देर रात तक के विभिन्न मुहूर्तों में पूजा-पाठ का दौर चला। लोगों ने एक-दूसरों को दीपावली की शुभकामनाएं दी व मुंह मीठा करवाया गया। महिलाओं ने दीपदान किए। घर, मंदिरों में दीप जलाकर रखे गए।बच्चे व युवा महिलाएं, पुरुष आतिशबाजी के संग चहकते नजर आए। सुबह से ही बच्चों में दीपावली का उत्सव नजर आ रहा था। जैसे जैसे दिन ढलता गया, आतिशबाजी को लेकर उत्साह बढ़ता चला गया। रात को रंगबिरंगी आतिशबाजी के संग लोग रोमांचित हो उठे। कहीं फूलझडी, चकरी, तो कहीं धमाकेदार व रंग बिरंगे स्काई शॉट के साथ दीपावली का उत्साह छाया।