कोटा

ऐसा क्‍या हुआ कि‍ कोटा गढ पैलेस से पैदल चले, शहर का इति‍हास जाना

कोटा में धरोहर संरक्षण के लिए निकाला पैदल मार्च, इतिहासविदों ने पर्यटकों को कोटा के इतिहास से कराया अवगत

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Jan 07, 2018
foot march for heritage conservation in kota

कोटा . कोटा के इतिहास व धरोहर से लोगों को अवगत कराने व इनका संरक्षण करने के उद्देश्य से परिंदों का सफर, राजस्थान पर्यटन विभाग व कोटा फोटोग्राफर्स क्लब की ओर से कोटा हेरिटेज वॉक का आयोजन रविवार को किया गया। परिंदों के सफर के संस्थापक सारांश रामावत ने बताया की रामपुरा से शुरू हुई वॉक पुराना नगर निगम, पुरानी लाइब्रेरी, कोतवाली, महारानी व महात्मा गांधी स्कूल देखते हुए अग्रसेन बाजार पहुंची।

वॉक में कई ऐसे लोग भी शामिल थे जिनका बचपन महात्मा गांधी व महारानी स्कूल में बीता। उसके बाद सभी लोग अग्रसेन बाजार, सब्जीमंड़ी रोड होते हुए पुराने चर्च पहुंचे और यहां के इतिहास से परिचित हुए। यहां से वॉक गंधीजी का पुल होते हुए कैथूनीपोल थाने के सामने से कोटा गढ़ पर पहुंची, जहां लोक कलाकार कुनाल गंधर्व व उनके साथी कलाकारों ने करताल, हारमोनियम व तबले पर फोल्क म्यूजिक के माध्यम से राजस्थानी लोक गीत की प्रस्तुति दी।

कोटा का इतिहास जानेगा देश-विदेश
कोटा फोटोग्राफर्स क्लब के संस्थापक तपेश्वर सिंह भाटी ने बताया की इस पूरी वॉक के दौरान हेरिटेज इमारतों व जगहों की फोटोग्राफी भी की गई, जिससे कोटा हेरिटेज को सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। हर्षिता सुमन ने बताया की इस वॉक में इतिहासकार जगत नारायण, फिरोज अहमद, अब्दुल हनीफ जैदी, नरेंद्र मिश्रण, चंद्रशेखर, सुषमा आहूजा ने लोगों को कोटा की धरोहर से परिचित कराया।

क्‍या है हैरि‍टेज वॉक
पुराने कोटा में स्‍थि‍त शहर की ऐति‍हासि‍क इमारतों और स्‍थानों को पर्यटकों की नि‍गाह में लाना, इस हैरि‍टेज वॉक का मकसद है। गढ पैलेस से शुरू होकर पैदल घूमते हुए रामपुरा बाजार तक पहुंचा जाता है।

Updated on:
07 Jan 2018 06:41 pm
Published on:
07 Jan 2018 06:40 pm
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