24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘देश बचाना है तो पहले गाय को बचाना होगा…’, रामगंजमंडी में हो रही कथा में बोले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री

गौमाता का संरक्षण ही भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की रक्षा का मूल आधार है। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए आचार्य शास्त्री ने कहा कि कथा स्थल तक आते समय रास्तेभर श्रद्धालुओं का जो हुजूम दिखाई दिया उसे देखकर उन्हें ऐसा लगा मानो गौमाता का मेला लगा हो।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Akshita Deora

Jan 24, 2026

Bageshwar Dham

फोटो: पत्रिका

Acharya Dhirendra Shastri Katha: बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने रामगंजमंडी में आयोजित श्रीराम कथा के पहले दिन राष्ट्र, संस्कृति और गौसेवा को लेकर सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि देश को बचाना है तो सबसे पहले गाय को बचाना होगा।

गौमाता का संरक्षण ही भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की रक्षा का मूल आधार है। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए आचार्य शास्त्री ने कहा कि कथा स्थल तक आते समय रास्तेभर श्रद्धालुओं का जो हुजूम दिखाई दिया उसे देखकर उन्हें ऐसा लगा मानो गौमाता का मेला लगा हो। उन्होंने कहा कि “जब कोटा आया हूं, तब से लेकर आज तक हर रास्ते और हर मोड़ पर लोगों का अपार स्नेह बरसता दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि जब हम पंडाल की ओर आ रहे थे तो सबसे पहले गौमाता के दर्शन हुए और गौपूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

हनुमान शक्ति और भक्ति के प्रतीक

कथा के पहले दिन आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान हनुमान के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने हनुमानजी को सेवा, समर्पण, शक्ति और भक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि हनुमानजी का जीवन हमें सिखाता है कि अहंकार छोड़कर प्रभु की सेवा में लग जाना ही सच्ची भक्ति है।

उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सोच और पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिलावर की यह परिकल्पना अत्यंत प्रेरणादायी है कि प्राचीन संस्कृति के अनुरूप गांव-गांव में चरवाहे हों, जो गौमाता की रक्षा करें और जन-जन में गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता आए।

‘मेरे पागलों, समाज में सलाह थोक में मिलती है, सहायता नहीं’

अपने चिर-परिचित अंदाज़ में आचार्य शास्त्री ने समाज की वास्तविकता पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि समाज एक ऐसा बाजार है, जहां सलाह तो थोक में मिल जाती है, लेकिन सहायता बहुत मुश्किल से मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक कई बार ‘मेरे पागलों’ कहकर संबोधित किया, जिस पर पंडाल में जोरदार ठहाके गूंज उठे और माहौल भक्तिरस के साथ हास्य से भी भर गया।

रामगंजमंडी से नई पहल, वृद्ध और निर्धनों के लिए नया क्रम


आचार्य शास्त्री ने रामगंजमंडी से एक नई पहल की घोषणा करते हुए कहा कि वे हर दिन कथा के दौरान 20 ऐसे लोगों को मंच पर बुलाएंगे, जो वृद्ध और निर्धन हैं। उन्होंने कहा कि धनी और बड़े लोग तो उनसे आसानी से मिल लेते हैं, लेकिन जो वृद्ध और निर्धन हैं, उन्हें भी मिलने की इच्छा होती है। इसलिए यह क्रम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि अब से प्रत्येक कथा में यह परंपरा जारी रहेगी।

आज लगेगा दिव्य दरबार

श्रीराम कथा के अंतर्गत शनिवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक दिव्य दरबार लगेगा जिसमें श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाएंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से 6 बजे तक बागेश्वर बाबा द्वारा श्रीराम कथा का वाचन किया जाएगा। दिव्य दरबार को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह रहता है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी :
https://bit.ly/4bg81fl