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सड़क निर्माण पर वन विभाग का अड़ंगा

रावतभाटा-गांधी सागर सड़क मार्ग का मामलासड़क निर्माण के लिए राशि जारी होकर सीएम ने शिलान्यास भी कर दिया

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सड़क निर्माण पर वन विभाग का अड़ंगा

सड़क निर्माण पर वन विभाग का अड़ंगा

रावतभाटा. राजस्थान को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाली रावतभाटा- गांधी सागर सड़क के लिए विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी ने 60 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कराई। सड़क निर्माण का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने कर दिया। सड़क निर्माण के लिए विभाग की ओर से निविदा हो गई। कार्यादेश भी जारी कर दिया गया। ठेकेदार ने कार्य चालू किया और अब वन विभाग का अड़ंगा लग गया। पहली बार विधायक बिधूड़ी ने प्रयास कर सड़क को 3.75 मीटर से 7 मीटर चौड़ी बनवाने के लिए राशि स्वीकृत कराई और इसी में ही वन विभाग ने अड़ंगा लगा दिया।
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत भी नहीं कराई गई और ना ही निर्माण कार्य कराया गया। वन विभाग की ओर से 3.75 मीटर सड़क का निर्माण करने के लिए कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विभाग की ओर से सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। जिस कारण इस मार्ग पर वाहन चलाने में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमलाव से आगे एकलिंगपुरा तक सड़क गड्ढों में नजर आती है। इस मार्ग पर बस संचालित करने वाले बस मालिकों ने बताया कि अगर सड़क मार्ग की रिपेयर नहीं की गई तो इस मार्ग पर बसों को संचालित करना बंद कर दिया जाएगा। सड़क क्षतिग्रस्त होने से डीजल भी अधिक खपत हो रही है और वाहनों में टूट-फूट भी हो रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़क के गड्ढों को ठीक कराएं या जेसीबी से सड़क को खोदकर समतल कराए।
जमीन वन विभाग के नाम
रावतभाटा-गांधी सागर सड़क की सारी जमीन वन विभाग के नाम है, जबकि यह सड़क 70 वर्ष पूर्व बनी हुई है। यह सड़क अभी सार्वजनिक निर्माण विभाग के नाम दर्ज नहीं हुई जबकि कई बार इस सड़क का निर्माण विभाग की ओर से कराया जा चुका है। पूर्व में यह सड़क कोटा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन थी जिसे चित्तौड़गढ़ जिले को बाद में स्थानांतरित किया गया था।
उपखंड कार्यालय से बनाए जाने हैं प्रस्ताव
रावतभाटा गांधी सागर सड़क निर्माण के लिए वन विभाग को राजस्व विभाग की ओर से जमीन दी जानी है। सहायक अभियंता उदय चंद्रभान सिंह ने बताया इसके प्रस्ताव उपखंड कार्यालय से बनाए जाने हैं, इसके बाद ही वन विभाग की ओर से सड़क निर्माण के लिए एनओसी जारी की जाएगी।