
बिजली और राजस्व की बचत के लिए अब पॉजिटिव इंजीनियरिंग फॉर्मूला
कोटा. कोटा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में बिजली और राजस्व की बचत के लिए पॉजिटिव इंजीनियरिंगग का फ ार्मूला अपनाया जाएगा। राज्य में स्थित के 200 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले पम्प हाउसों के संचालन में तकनीकी पहलुओं को अपनाते हुए बिजली और पैसे की बचत के इस सकारात्मक कदम से न केवल जलदाय विभाग को फायदा होगा, बल्कि यह प्रदेश के विकास में भी अप्रत्यक्ष रूप से अपनी भागीदारी निभाएगा।
विभाग के ज्यादा लोड वाले पम्पिंग स्टेशनों द्वारा विद्युत उपभोग के पैटर्न का विश्लेषण किया गया। इससे यह निष्कर्ष निकला कि कई जगह पानी की मोटर की विद्युत कम्पनियों को दी जाने वाली कॉन्ट्रेक्ट डिमाण्ड, बिजली के वास्तविक उपभोग की तुलना में अधिक है। इस कारण विद्युत कम्पनियों के नियमों के अनुरूप जलदाय विभाग को अतिरिक्त राजस्व का भुगतान करना पड़ता है। इसके अलावा कई पम्पिंग स्टेशनों पर हायर पावर फैक्टर को भी मैंटेन किया जाना जरूरी है। इन दो पहलुओं पर खास फोकस करते हुए विभाग में एनर्जी प्लानिंग एंड कंजर्वेशन की पहल की गई है।
Updated on:
10 Aug 2019 11:31 pm
Published on:
10 Aug 2019 11:28 pm

