
नगर विकास न्यास
कोटा. नगर विकास न्यास की ओर से दीपावली के बाद शहर में कई नई आवासीय योजनाएं लॉन्च की जाएंगी। न्यास की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। झालावाड़ रोड पर आईएल फैक्ट्री की जगह पर करीब 250 भूखंडों की योजना विकसित करने की योजना पर कार्य चल रहा है। इसी तरह चंद्रेसल में करीब 200 भूखंड और नांता क्षेत्र में 65 भूखंडों की आवासीय विकसित करने के लिए कार्य चल रहा है। वहीं उम्मेदगंज में 400 भूखंडों की योजना विकसित किया जाना प्रस्तावित है। आईएल फैक्ट्री की 53 एकड़ भूमि पर आवासीय योजना विकसित होगी। यहां बने शेड को तोड़ा जा रहा है। इसी तरह चार प्रस्तावित योजना में करीब 900 से ज्यादा लोगों के घर का सपना पूरा होने की उम्मीद है।
जोनल डवलपमेंट प्लान के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में
शहर का नया मास्टर प्लान लागू हुए लम्बा समय गुजरने के बाद भी नगर विकास न्यास जोनल प्लान बनाने में विफल रहा, लेकिन अब इसकी उम्मीद जगी है। वह इसलिए कि इसकी टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एक माह में यह कार्य शुरू हो जाएगा। सरकार बदलने के बाद न्यास ने नए सिरे से नगरीय विकास विभाग को जोनल प्लान तैयार करने का प्रस्ताव भेजा था। इसे तैयार करने में करीब 2 करोड़ से ज्याद राशि खर्च होगी। जोनल प्लान बनने के बाद शहर में जहां रोड की कनेक्टीविटी अच्छी नहीं, वहां बेहतर नया रोड नेटवर्क मिल सकेगा और आबादी के हिसाब कई जगह नए सुविधा केन्द्र विकसित किए जाएंगे। नवम्बर 2017 में जब मास्टर प्लान लागू हुआ, तब जोनल प्लान तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 121 दिन कार्यदिवस तय किए गए थे।
विशेष परिस्थतियों में अधिकतम छह माह पूरे होने से पहले जोनल प्लान तैयार करना था, लेकिन राज्य सरकार से वित्तीय अनुमति नहीं मिली और यह अटका रहा। सड़क निर्माण, नई आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक योजनाएं और जनसुविधाओं की कार्य योजना जोनल प्लान के आधार पर ही तैयार होगी। जोनल प्लान को 11 चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में जोन की क्षेत्र सीमा का निर्धारण किया जाएगा। दूसरे चरण में योजना का आधारभूत मानचित्र और डाटा संग्रह का कार्य किया जाएगा। तीसरे चरण में राजस्व नक्शे, नगर निगम वार्ड, मुख्य संरचनाओं और भूमि के मूल टाइटल के हिसाब से रिपोर्ट बनाई जाएगी। चौथे चरण में आधारभूत मानचित्र के अनुसार भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पांचवें चरण में नगर नियोजन विभाग की ओर से अंतिम जोनल डवलपमेंट प्लान बनाया जाएगा। इसके बाद आपत्तियां और सुझाव भी मांगे जाएंगे। आपत्तियों को नोटिस के प्रकाशन के साथ शहर के प्रमुख स्थलों पर चस्पा किया जाएगा, ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।
इस तरह दस चरण पूरे होने के बाद अंतिम चरण में अंतिम जोनल डवलपमेंट प्लान का राज्य स्तरीय भू उपयोग समिति के समक्ष पेश होगा। इसके बाद इसका प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद निर्माण और विकास से जुड़े कार्यों की कार्य योजनाएं बनाई जाएंगी। विभिन्न सुविधाओं का विकास संतुलित तरीके करने के लिए शहर को जोन में बांटकर विकास किया जाएगा, ताकि किसी क्षेत्र की उपेक्षा नहीं हो सके। जोनल प्लान भी नगर नियोजन विभाग से अनुमोदित करना होगा।
Published on:
26 Oct 2019 07:50 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
