
अध्ययन को जाने वालों को मिले नि:शुल्क रोडवेज पास
मोईकलां. गांव-कस्बों से शहर या बड़े कस्बों में हर दिन अध्ययन के लिए ग्रामीण क्षेत्र से जाने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार की और से नि:शुल्क रोडवेज पास जारी करने की मांग करते हुए शनिवार को ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कोटा कलेक्टर व आगार प्रबंधक को ज्ञापन भेजा है।
ग्रामीण क्षेत्र के छात्र वैसे तो लम्बे समय से रोडवेज बस में नि:शुल्क पास जारी करने की मांग करते आए हंै। शनिवार को अभिभावाकों की और से कमोलर सरपंच मेघा गौतम व लटूरी सरपंच मनीष नागर को लिखित में दिया गया। जिसमें बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र से छात्रों को हर दिन रोडवेज बसों के माध्यम से शहर व बड़े कस्बों में अध्ययन के लिए जाना पड़ता है। कई गरीब तबके के छात्रों के लिए रोडवेज का किराया देना भी भारी पड़ रहा है।
अभिभावक सत्यनारायण नागर, गोकुल प्रसाद सुमन, बाबूलाल बागरी ने बताया कि परिवार के सदस्यों का पेट पालने में ही परेशानी आ रही हंै ऐसे में हर दिन बच्चों के लिए रोडवेज का किराया देना परेशानी साबित हो रहा है। कमोलर सरपंच व लटूरी सरपंच ने बताया कि ग्रामीण अभिभावकों की और से लिखित में मिलने के बाद पंचायत की और से जिला कलक्टर व आगार प्रबंधक को पत्र लिखा गया है।
वर्तमान में यह है नियम
वर्तमान में अगर छात्रों को रोडवेज किराए में पचास फीसदी की छूट प्राप्त करनी है तो आगार प्रबंधक छात्र से 25 रुपए जमा करवाकर विद्यालय में जमा कराई गई फीस की रसीद की एक प्रति व विद्यालय की ओर जारी पहचान पत्र की प्रति प्राप्त करते है। उसके बाद स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है। स्मार्ट कार्ड दिखाने पर किसी भी रोडवेज बस में परिचालक आधा किराया लेकर छात्रों को टिकट जारी कर देता है।
Published on:
12 Feb 2022 07:28 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
