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कोटा में कोचिंग के सामने पिता ने फलों की दुकान खोली, बेटी को बुलाकर दाखिला दिलाया; अब JEE मेंस में हुई सलेक्ट

कोटा में एक फल विक्रेता ने आर्थिक अभाव के बावजूद बेटी को बुलाया, कोचिंग में दाखिला दिलाया। बेटी तैयारी कर JEE मेंस की परीक्षा पास की है।

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कोटा

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Suman Saurabh

May 04, 2024

Fruit seller's daughter selected in JEE Mains

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कोटा। पिता ने चौथी क्लास तक पढ़ाई की है। माता 12 वीं पास हैं। मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मैने कोटा में रहकर तैयारी करने का सोचा नहीं था। लेकिन मेरे पिता और चाचा हमेशा से मुझे अच्छे स्कूल/ कोचिंग में पढ़ाना चाहते थे। उन्होंने मेरा दाखिला कोटा के एक कोचिंग में कराया, JEE मेंस की तैयारी की और सलेक्ट हुई हूं। यह कहना है छत्तीसगढ़ की रहने वाली करीना चौहान का। जिन्होंने हाल में जारी जेईई मेन्स 2024 के परिणाम में एससी कैटेगिरी में 43367 रैंक हासिल की है।

फलों की दुकान खोली, बेटी को बुलाकर दाखिला दिलाया

करीना के पिता भरत कुमार और चाचा करण कुमार कोटा में रहकर मजदूरी करते थे, लॉकडाउन के बाद काम ना होने के कारण उन्होंने फलों का दुकान किया, जिससे अब उनकी ठीक-ठाक कमाई हो जाती है। करीना के पिता बताते हैं कि वह मजदूरी करते थे। लॉकडाउन के बाद उन्होंने कोचिंग के सामने फलों का जूस बेचना शुरू कर दिया। सैकड़ों बच्चों को दूर-दराज से यहां पढ़ने आते देख, मेरी हमेशा से अपनी बच्ची को भी बुलाने की इच्छा रहती थी, लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं था। एक दिन हमारे दुकान के सामने की कोचिंग में हमने बात की तो उन्होंने फीस में रियायत देने की बात कही। बच्ची को बुलाया और दाखिला दिलाया। उसने JEE मेंस पास की है, आगे वह एडवांस की तैयारी करेगी।

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चाचा ने भी मेहनत की ताकि भतीजी का सपना ना टूटे

चाचा करण कुमार बताते हैं कि करीना का पढ़ाई कर कुछ बनना चाहती हैं। उसका बचपन से ही पढ़ाई में मन लगता है। लेकिन परिवार के आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण वह 10 वीं कक्षा तक गांव के स्कूल में ही पढ़ी। 2023 में कोटा आई और पढ़ाई कर IIT की परीक्षा को पास किया है। वह अब आगे की परीक्षा को पास कर इंजीनियरिंग करना चाहती है। हमलोग भी हरसंभव प्रयास करेंगे कि वह अपने सपने को पूरा करे।