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कोटा में बोले गजेंद्र सिंह, ‘सीएए का विरोध झूठ को पांव पर चलाने जैसी कोशिश’

'सीएए के विरोध में मुख्यमंत्रियों ने खुद मोर्चे निकाले और समाज को बांटने काम किया      
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कोटा में बोले गजेंद्र सिंह, 'सीएए का विरोध झूठ को पांव पर चलाने जैसी कोशिश'

कोटा में बोले गजेंद्र सिंह, 'सीएए का विरोध झूठ को पांव पर चलाने जैसी कोशिश'

कोटा.सीएएको लेकर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह ने रविवार को कोटा में कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक का इस कानून से कोई संबंध नहीं है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों ने भ्रम फैलाकर जिस तरह की झूठ को पांव पर चलाने का प्रयास किया है ये अच्छा नहीं है। सीएए के विरोध में मुख्यमंत्रियों ने खुद मोर्चे निकाले और समाज को बांटने काम किया। आने वाली पीढ़ी इनसे सवाल करेगी।

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बार के लिए यह व्यवस्था की है। केवल 2014 तक जो भारत आए गए उन्हें 11 साल के बजाय 5 साल में नागरिकता दी जा रही है। अकेले जोधपुर में 25 हजार लोग रहते हैं, उन्हें वापस जाने की कहते हैं मेरे घर पर आकर रोते हैं, कहते हैं आप चाहे तो फांसी चढ़ा दो पर नरक में वापस मत भेजो। सिंह ने कहा, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने लिए यह कानून लाया गया है। इन तीन देशों के अल्पसंख्यक प्रताडि़त हो रहे हैं, उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्हें राहत देने के लिए यह कानून लाया गया है।