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अवैध संबंध में हत्या: कौन है वो आशिक, जिसके संग पत्नी ने रिटायर्ड फौजी पति को मार डाला, अब तक 3 गिरफ्तार

Rajasthan Crime: कोटा में रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी दीपिका शर्मा, प्रेमी विष्णु सिंह और मुख्य आरोपी देवेश शर्मा को गिरफ्तार किया है।
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कोटा

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Akshita Deora

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Updated: 4 May 2026, 9:12 AM IST

Kota Murder Accused

आरोपी दीपिका शर्मा और देवेश शर्मा (फोटो: पत्रिका)

Kota Retired Soldier Murder Case: कोटा के आरकेपुरम थाना क्षेत्र के आंवली क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पत्नी व साथी की गिरफ्तारी के बाद अब मुख्य आरोपी को हिंडौन से गिरफ्तार किया है।

सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 1 मई को आंवली क्षेत्र स्थित घर में रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा मृत मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो गले पर निशान मिलने से मामला हत्या का प्रतीत हुआ। इसके बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पारिवारिक विवाद और अवैध संबंध सामने आए।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले शनिवार को आंवली क्षेत्र से ही पत्नी दीपिका शर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर उसी दिन कोटा शहर के खेडली फाटक सुभाष कॉलोनी क्षेत्र से आरोपी विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया गया।

देवेश शर्मा है पत्नी का कथित आशिक

मुख्य आरोपी देवेश शर्मा ही रिटायर्ड फौजी की पत्नी का कथित आशिक बताया जा रहा है। इसकी तलाश में पुलिस ने विशेष टीम गठित की। तकनीकी लोकेशन के आधार पर टीम ने करौली जिले के हिंडौन सिटी में ब्रह्मपुरी कॉलोनी के पास एक खेत में घेराबंदी कर रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

तीनों ने दिया वारदात को अंजाम

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि दीपिका शर्मा, देवेश शर्मा और विष्णु सिंह ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। घटना वाले दिन तीनों घर पहुंचे और गले पर दबाव बनाकर मनोज शर्मा की हत्या कर दी। इसके बाद शव को पलंग पर लिटाकर उसे सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश की और घटनास्थल से फरार हो गए।

आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के चलते पूरे मामले का खुलासा हो गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में कांस्टेबल तंवर सिंह, हेड कांस्टेबल महेन्द्र सिंह, संजय शर्मा, अशोक सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों की विशेष भूमिका रही है जिन्होंने मामले को सुलझाने में अहम योगदान दिया।