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चित्रा नक्षत्र और चतुर्थी का बन रहा शुभ संयोग, लंबोदर करेंगे सबकी मनोकामनाए पूरी, मध्यान काल में करें गणपति की स्थापना

Ganesh Chaturthi 2019 चतुर्ग्रही योग के शुभ सयोंग में आएगी गणेश चतुर्थी

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कोटा

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Suraksha Rajora

Aug 29, 2019

चित्रा नक्षत्र और चतुर्थी का बन रहा शुभ संयोग, लंबोदर करेंगे सबकी मनोकामनाए पूरी, मध्यान काल में करें गणपति की स्थापना

चित्रा नक्षत्र और चतुर्थी का बन रहा शुभ संयोग, लंबोदर करेंगे सबकी मनोकामनाए पूरी, मध्यान काल में करें गणपति की स्थापना

कोटा . भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी त्योहार मनाया जाता है। यह मान्यता है कि भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष के दौरान भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस साल गणेश चतुर्थी 2 सितंबर सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन व्यापारआरंभ,ज्वेलरी,मकान,भूमि वाहन,आदि की खरीद प्रोक्त की जाती है। गणेश स्थापना से ही गणेशोत्सव की शुरुआत हो जाएगा और अनन्त चतुर्दशी के दिन ये उत्सव पूर्ण होता है।

ग्रह-नक्षत्रों से बन रहे हैं शुभ संयोग

ज्योतिषाचार्य अमित जैन के अनुसार इस साल गणेश चतुर्थी पर ग्रह-नक्षत्रों की शुभ स्थिति से शुक्ल और रवियोग बन रहे हैं। इनके साथ ही सिंह राशि में चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है। यानी सिंह राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र हैं। ग्रह-नक्षत्रों के इस शुभ संयोग में गणेश स्थापना होने से समृद्धि और सुख-शांति मिलेगी। वहीं कई लोगों की मनोकामना भी पूरी होगी।

वहीं सोमवार को दिन की शुरुआत हस्त नक्षत्र में होगी और गणेश स्थापना चित्रा नक्षत्र में की जाएगी। मंगल के इस नक्षत्र में चंद्रमा होने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।चित्रा नक्षत्र और चतुर्थी का संयोग सुबह लगभग 8:33 बजे से शुरू होगा और पूरे दिन तक रहेगा।

गणेश स्थापना के लिए श्रेष्ठ है मध्याह्न काल

भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेश जी का जन्म हुआ था। इसलिए भगवान गणेश की स्थापना और पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय मध्याह्न काल ही माना गया है। जो कि सुबह लगभग 11:11 से दोपहर 1:42तक रहेगा। इसके अलावा पूरे दिन शुभ संयोग होने से सुविधा अनुसार किसी भी शुभ लग्न या चौघड़िया मुहूर्त में गणेश स्थापना की जा सकती है।

प्रातः - 6 :10बजे से 7:44बजे तक अमृत चौघड़िया,सुबह - 9:18से10:52बजे तक शुभ चौघड़िया,दोपहर बाद 2बजे से शाम6:43बजे तक चर, लाभ,अमृत के चौघड़िया में भी गणपति की पूजन और स्थापना करना उत्तम रहेगा।