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फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर अवैध वसूली करने वाली राज्य स्तरीय गैंग का पर्दाफाश

फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर अवैध वसूली करने वाली राज्य स्तरीय गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए राज्य स्तरीय गैंग के सरगना को कोटा ग्रामीण के मोडक़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर अवैध वसूली करने वाली राज्य स्तरीय गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए राज्य स्तरीय गैंग के सरगना को कोटा ग्रामीण के मोडक़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

थानाधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि फरियादी मोडक़ गांव निवासी भरत कुमार (42) ने दी रिपोर्ट में बताया कि वह दरा स्टेशन की तरफ से ट्रक लेकर मोडक़ गांव आ रहा था। रास्ते में एनएच-52 पर अमझार नदी के पास तीन लोगों ने ट्रक रूकवाया जिसमें एक पुलिस की वर्दी में था और अन्य दो सादा वस्त्रों में थे। उन्होंने ट्रक के कागजात मांगे। गाड़ी के कागजात कम्पलीट होने के बावजूद उन्होंने गाड़ी जब्त करने की धमकी देकर रुपए मांगे तो में मौका देखकर वहां से भाग गया। पुलिस ने रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।

पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी उसी दौरान डीएसटी टीम को सूचना मिली की अवैध वसूली के आरोपी कार से झालावाड़ से कोटा की तरफ जा रहे है। सूचना पर पुलिस ने तुरंत नेशनल हाइवे पर अमझार नदी पर नाकाबंदी की। इसी दौरान मुखबीर के बताए नम्बर की कार आती दिखाई दी। उसे रोका गया तो कार से तीन युवक उतरकर जंगल की तरफ भागने लगे जिसमें एक युवक पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी में था। पुलिस ने पीछा कर पुलिस वर्दी पहने युवक को पकड़ लिया, लेकिन अन्य दो लोग जंगल में भागने में सफल रहे। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के देवली मच्छयान किशनपुरा निवासी शिवा उर्फ गुड्डू (31) को गिरफ्तार कर लिया। फरार आरोपियों में कोटा ग्रामीण के देवलीमांझी थाना क्षेत्र के रूपाहेड़ा निवासी मुरारी बैरवा व अनन्तपुरा कोटा निवासी साजिद शामिल है। पुलिस ने बताया कि आरोपी शिवा के खिलाफ कोटा शहर सहित अन्य जिलों के थानों में 12 आपराधिक मामले दर्ज है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नेशनल हाइवे पर फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर आने-जाने वाले वाहन चालकों को रोककर धमकी देकर अवैध वसूली करते थे।