
किशोरी से जंगल में सामूहिक बलात्कार, कोर्ट ने सुनाई आरोपी जीजा-साले को आजीवन कारावास की सजा
कोटा. न्यायालय पॉक्सो क्रम संख्या-5 के न्यायाधीश प्रेमराज सिंह चन्द्रावत ने किशोरी से सामूहिक बलात्कार के मामले में दो आरोपियों जीजा व उसके साले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों को 70-70 हजार रुपए जुर्माने से भी दण्डित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेश वर्मा के अनुसार पीडि़ता ने कोटा ग्रामीण जिले के एक पुलिस थाने में 15 दिसंबर 2020 को रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि वह कक्षा 9 में पढ़ती है तथा उसकी आयु 16 साल है। 13 दिसंबर 2020 को वह उसके माता-पिता व रूपचंद गुर्जर व उसकी पत्नी के साथ कार से जागरण में शामिल होने उसकी मौसी के गांव गए थे। वहां रातभर जागरण में रहे। 14 दिसंबर 2020 को रूपचंद व उसकी पत्नी ने कहा कि उसके ससुराल खैराबाद में नहा-धोकर आते हैं। इस पर पीडि़ता किशोरी के माता-पिता गांव में ही रुक गए। जबकि दोपहर को पीडि़ता किशोरी रूपचंद व उसकी पत्नी के साथ कार से चली गई। रूपचंद ने उसकी पत्नी को घर जाकर उतार दिया और पीडि़ता किशोरी से कहा कि उसे उसके माता-पिता वापस गांव बुला रहे हैं।
रूपचंद, उसके साले ओमप्रकाश को साथ लेकर उसे कार से जंगल में ले गया। वहां दोनों ने उसे शराब पिलाने की कोशिश की और उसके हाथ पैर बांध दिए। दोनों ने उससे बलात्कार किया। बाद में कार में भी बलात्कार किया और धमकी दी कि किसी को बताया तो तेरे माता-पिता को जान से खत्म कर देंगे। इस रिपोर्ट पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया। अनुसंधान के बाद आरोपियों रूपचंद निवासी खजूरना कला जिला बारां व ओमप्रकाश निवासी विनोदखुर्द थाना सांगोद हाल हिरायाखेड़ी थाना रामगंजमण्डी को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायालय ने निर्णय देते हुए दोनों आरोपियों को सजा से दण्डित किया।
आरोपी को सजा भुगतने के लिए किया वारंट जारी
विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेश वर्मा ने बताया कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपी रूपचंद उपस्थित था, जबकि जमानत पर छूटा आरोपी ओमप्रकाश अनुपस्थित रहा। आरोपी ने जरिए अधिवक्ता हाजरी मांफी का प्रार्थना पत्र पेश किया था, जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। आरोपी को सजा भुगतने के लिए वारंट जारी कर दिया।
Published on:
05 Apr 2024 08:34 pm
