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Patrika Impact: धुलने लगे गंदगी के दाग, बनने लगा कोटा स्मार्ट सिटी

राजस्थान पत्रिका की स्वच्छ कोटा स्वस्थ कोटा मुहिम के सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं। गंदगी की पहचान बन चुके कचरा प्वाइंट की सूरत बदलने लगी है।

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Clean up campaign re launch

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राजस्थान पत्रिका की ओर से कोटा में स्वच्छता जागरूकता के लिए चलाई जा रही मुहिम "स्वच्छ कोटा, स्वस्थ कोटा" का सकारात्मक परिणाम आने लगा है। पार्षद और स्थानीय बाशिन्दों के प्रयासों से वार्ड 50 के कचरा प्वॉइंट्स से गंदगी का दाग धुल गया है। वार्ड के सभी कचरा प्वॉइंट साफ-सुथरे नजर आने लगे हैं। अब शहर के बाकी बार्ड भी इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे और कचरा प्वाइंटों की सफाई कर कोटा को स्मार्ट सिटी बनाएंगे।

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चमकने लगा शहर

राजस्थान पत्रिका ने सड़क और गलियों के बाहर बिखरी पड़ी गंदगी को साफ कर शहर के माथे पर लगे गंदगी के दाग को मिटाने के लिए स्वच्छ कोटा-स्वस्थ कोटा मुहिम शुरू की थी। सबसे पहले नगर निगम के वार्ड 50 में बने कचरा प्वाइंटों की गंदगी को साफ करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। बदनामी का कारण बने इन कचरा प्वाइंटों की सफाई पार्षद और स्थानीय जनता को साथ लेकर कराई गई तो हालात बदलने लगे हैं। जहां कभी हर वक्त कचरे का ढ़ेर नजर आता था वो जगहें साफ सुथरी नजर आ रही हैं। पार्षद चौधरी का कहना है कि सभी पांच कचरा प्वॉइंट से कचरा उठाने के बाद दो बार सफाई होती है और कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाता है। उप महापौर सुुनीता व्यास का कहना है कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। जिस भी वार्ड में अच्छा काम हो रहा है, उसे अन्य वार्डों में भी लागू किया जाएगा।

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उठने लगा डोर टू डोर कूड़ा

निगम आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल के निर्देश पर वार्ड 50 में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू की गई। निगम टीम और पार्षद देवेन्द्र चौधरी ने घर-घर जाकर लोगों को इधर-उधर कचरा नहीं डालने और कचरा प्वॉइंट पर ही कचरा डालने को प्रेरित किया। इसके बाद लोग प्वॉइंट पर कचरा डालने लगे। वार्ड में घर-घर कचरा उठाने के लिए चार टिपर लगे हैं। पूरे वार्ड में घर-घर कचरा संग्रहण चालू कर दिया गया है। आयुक्त ने तीनों उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कचरा परिहवन में कोताही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

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इंदौर का संदेश सुनाएंगे

निगम के लिए सबसे बड़ा बदनामी का कारण कचरा प्वॉइंटों पर दिनभर फैला रहने वाला कचरा है। पार्षदों का कहना है कि दो बार कचरा उठना चाहिए। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार हो सकता है। इसके लिए निगम को कचरा परिवहन करने वाले ठेकेदारों पर सख्ती करनी होगी। पार्षद का कहना है कि स्वच्छता का संदेश देने वाला कैसेट तैयार करवा रहे हैं। इसमें इंदौर कैसे स्वच्छता में अव्वल आया, इसका संदेश देने वाला कैसेट चलाकर वार्ड में घुमाया जाएगा, ताकि लोगों में जागरूकता आ सके।