एलन के सत्यार्थ भवन के सौहार्द सभागार में शहर के 10 राजकीय विद्यालयों की 3000 बालिकाओं की उपस्थिति में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता फोगाट ने कहा कि आज के जमाने में लड़कियों के लिए एक ही लक्ष्य होना चाहिए। खुद को काबिल बनाकर अपने माता-पिता, गुरु और परिवार का नाम रोशन करें। जब आप जीवन में सफलता प्राप्त कर लें, खुद को कहीं स्थापित कर लें, उसके बाद ही अपने शौक की ओर ध्यान दें। यदि आपने ऐसा कर लिया तो आपको कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लडकियां अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान जरूर रखें।
आन्या फाउंडेशन की फाउंडर अंजली बिरला ने कहा कि स्कूल की बालिकाओं के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘निर्भीक‘ बहुत जरूरी है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान वे हर समय अभिभावक या शिक्षकों की छांव में रहती हैं, लेकिन जब वे स्कूल से आगे जाती हैं तो उन्हें अहसास होता है, उन्हें सब कुछ सिखाया गया, लेकिन खुद की रक्षा करने के बारे में कुछ नहीं बताया गया। लड़कियां निर्भीक होंगी तो वे ही अपने लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ बढ़ पाएंगी।
उपभोक्ता भण्डार के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला ने आन्या फाउंडेशन की अभिनव सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे हैं। उनकी तरक्की में यदि कुछ बाधा बनती है तो वह असुरक्षा की भावना है। यदि उनके मन के भीतर के डर को ही दूर कर दिया जाएगा तो वे निर्भीक होकर हर चुनौती का सामना कर सकेंगी।
आन्या फाउंडेशन की को फाउंडर आकांक्षा बिरला ने कहा कि आज यहां बैठी छात्राओं के चेहरों पर हंसी है। तीन माह बाद प्रशिक्षण पूर्ण होने पर हंसी के साथ मनोबल और खुद की सुरक्षा कर पाने का आत्मविश्वास भी होगा। इसमें प्रतिभागी स्कूल के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की भी होगी।
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तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम अद्भुत
फोगाट ने कहा कि कोटा की धरती पर आकर उन्हें गर्व हो रहा है। उससे अधिक गर्व इस बात का है कि आन्या फाउंडेशन की ओर से यहां तीन हजार बालिकाओं के लिए तीन माह चलने वाला सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ किया जा रहा है। आज तक एक-दो दिन अधिकतम एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में सुना था, लेकिन इतना लंबा आयोजन पहली बार देख रहे हैं।