
कोटा .
महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम और जेंडर सेंसिटाइज विषय पर सेमिनार का आयोजन रेलवे सुरक्षा बल की ओर से रिजर्व लाइन सभागार में किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दमयंती पुरोहित ने कहा कि पुलिस को शिकायत लेकर आने वाली महिलाओं को गंभीरता से लेना चाहिए। मामले में राजीनामा नहीं कराकर तत्काल कानूनी कार्रवाई करें। शिकायतकर्ता महिला से पूछताछ की प्रक्रिया इस तरह रखे कि उसके सम्मान में कमी नहीं आए। डीआरएम यू.सी. जोशी ने कहा, सेमिनार और वर्कशॉप के जरिए लैंगिक समानता के मुद्दों पर बार-बार चर्चा हो ताकि व्यापक तौर पर जागरूकता लाई जा सके। निरंतर विचार-विमर्श और जागरूकता से ही संकुचित मानसिकता और महिलाओं के प्रति पुरुषों के रवैये में बदलाव आ सकेगा।
घर से हो शुरुआत
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आर.एस.पी सिंह ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात सभी करते हैं। इसकी शुरुआत अपने घर से ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टे्रनों में महिलाओं के अपराध में कमी आई है। आरपीएफ के जवानों को भी कहा कि आपके व्यवहार में महिलाओं के प्रति सम्मान दिखना चाहिए। कोई परेशानी में दिखे तो आगे होकर उससे पूछ लेना चाहिए की आपको कोई परेशानी तो नहीं। आरपीएफ को आगे भी इस तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
बचपन से मिले समानता की शिक्षा
बाल सम्प्रेषण एवं किशोर गृह समिति की सदस्य एडवोकेट सोनल विजय ने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना बचपन से ही देनी चाहिए। समानता के अधिकार के भाव शुरू से ही विकसित होंगे तो समाज में सुधार की गुंजाइश बढ़ेगी। उन्होंने महिलाओं से संबंधित कानून की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्रधिकरण की ओर से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया।
एकल नारी शक्ति संगठन की चन्द्रकला ने कहा कि समाज में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इस अवसर पर आरपीएफ के जवानों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब मजिस्टे्रट ने दिए। रामगंजमंडी पोस्ट प्रभारी प्रवीण गहलोत ने आरपीएफ द्वारा किए जा रहे बदलाव के बारे में बताया। इस अवसर पर कोटा पोस्ट प्रभारी मनीष शर्मा ने आ रही परेशानियों को बताया और समाधान पूछा। इस अवसर पर प्रताप सिंह, चाइल्ड लाइन के भूपेन्द्र व आरपीएफ के जवान उपस्थित रहे।
Published on:
23 Dec 2017 05:48 pm
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