लेकिन इस दौर में भी कोटा के मेले में इन कलाओं की रंगत देखी जा रही है। बात हैरतअंगेज करतबों की है। खास विधाओं को जीवंत बनाए रखने के लिए जोखिम भरे करतब यहां देखने को मिल रहे हैं।सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक छोटी बच्ची को रस्सी पर चलते देखा तो दर्शकों के कदम थम गए। लोगों ने चलते फिरते सर्कस में छोटी बच्ची के करतब को देखकर दांतों तले अंगुलियां दबा ली। छोटी बच्ची ने बताया कि परम्परात खेल व कलाओं को जीवंत रखने की सभी की जिम्मेदारी है और दो वक्त की रोटी का जुगाड़ भी इसी से होता है। रस्सी पर संतुलन की अनूठी कला को देखिए फोटो जर्नलिस्ट नीरज के कैमरे की आंखों से।