20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

रस्सी पर संतुलन की अनूठी कला को देखिए  कैमरे की आंखों से

कोटा. राष्ट्रीय दशहरे मेले की अपनी खासियत है। यहां आधुनिकता के रंग बिखरते हैं तो परम्परा और प्राचीनता को भी मेला अपने में समेटे हुए है। इन दिनों मेले में दोनों रूप नजर आ रहे हैं। वर्तमान दौर मोबाइल का है। हर किसी के हाथ में मोबाइल है, ऐसे में मनोरंजन की कई कलाएं अब कमजोर पड़ती जा रही हैं,

Google source verification

कोटा

image

Neeraj Gautam

Oct 13, 2022

लेकिन इस दौर में भी कोटा के मेले में इन कलाओं की रंगत देखी जा रही है। बात हैरतअंगेज करतबों की है। खास विधाओं को जीवंत बनाए रखने के लिए जोखिम भरे करतब यहां देखने को मिल रहे हैं।सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक छोटी बच्ची को रस्सी पर चलते देखा तो दर्शकों के कदम थम गए। लोगों ने चलते फिरते सर्कस में छोटी बच्ची के करतब को देखकर दांतों तले अंगुलियां दबा ली। छोटी बच्ची ने बताया कि परम्परात खेल व कलाओं को जीवंत रखने की सभी की जिम्मेदारी है और दो वक्त की रोटी का जुगाड़ भी इसी से होता है। रस्सी पर संतुलन की अनूठी कला को देखिए फोटो जर्नलिस्ट नीरज के कैमरे की आंखों से।