
Gogamedi massacre: गोगामेड़ी हत्याकांड : श्रीराष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के अध्यक्ष सुखदेव गोगामेड़ी हत्याकांड मामले में जिस महेन्द्र कुमार मेघवाल का नाम सामने आया है, वह कोटा शहर के गुमानपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। हथियार सप्लाई करने वाली युवती पूजा सैनी हिस्ट्रीशीटर महेंद्र कुमार मेघवाल उर्फ समीर के प्रेम में पड़ कर लेडी डॉन बन गई।
पुलिस पूछताछ में पूजा ने बताया कि उसकी दो बहनें हैं। एक बहन जब कोटा में पढ़ रही थी, तब वर्ष 2018 में उससे मिलने गई। इस दौरान बहन की सहेली के बॉयफ्रेंड और उसके तीन दोस्तों से मुलाकात हुई। उन्हीं में महेन्द्र कुमार भी साथ था। तब पहली बार उससे जान-पहचान हुई।
वर्ष 2019 में पढ़ाई के लिए जयपुर आई और एक कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया। वर्ष 2020 में महेन्द्र की फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। उसने रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया फिर बातचीत होने लगी और दोनों में प्रेम हो गया। महेंद्र के चक्कर में पडऩे के बाद पूजा ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। अगस्त 2022 में महेन्द्र के साथ जयपुर के एक मंदिर में जाकर शादी कर ली। इसके बाद दोनों जगतपुरा के फ्लैट में रहने लगे और पूजा एयरपोर्ट पर काम करने लगी। धीरे-धीरे महेन्द्र के साथ गैंग में शामिल हो गई।
आरोपी महेन्द्र कोटा का है हिस्ट्रीशीटर, कोटा में पत्नी व परिवार को छोड़ जयपुर में करने लगा अपराध
श्रीराष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के अध्यक्ष सुखदेव गोगामेड़ी हत्याकांड मामले में जिस महेन्द्र कुमार मेघवाल का नाम सामने आया है, वह कोटा शहर के गुमानपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ शराब बेचने, हथियारों की तस्करी और मारपीट आदि के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी महेन्द्र छावनी में एक मस्जिद मिनार के पास अपने परिवार के साथ रहता था। परिवार में उसकी पत्नी के अलावा माता-पिता व दो भाई हैं। महेन्द्र अपनी पत्नी व परिवार को कोटा छोड़कर जयपुर की अपराध की दुनिया में चला गया।
आरोपी महेन्द्र कुमार मेघवाल गुमानपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। गुमानपुरा थाने में वर्ष 2011 से पहले महेन्द्र के खिलाफ लगभग एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें शराब बेचने, हथियारों की तस्करी और मारपीट के मुकदमे हैं। 2011 में इसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ, उसके बाद से यह गायब हो गया। बाद में अनन्तपुरा थाने में 2018 में हथियारों के साथ पकड़ा गया था। इस मामले में छूटने के बाद उसने कोटा छोड़ दिया। 2018 में वह जयपुर चला गया। जयपुर में आपराधिक तत्वों के साथ मिलकर कार्य करने लगा। 2021 में जयपुर में भी आरोपी अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
Published on:
12 Dec 2023 01:31 am
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