अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में पिछले दिनों एक उद्योग समूह की ओर भेंट की गई गोल्फ कार्ट पर्यटकों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रही। पर्यटकों को अब भी पैदल ही पार्क घूमना पड़ रहा है।अभेड़ा बायोलाॅजिकल पार्क 126 हैक्टेयर भूभाग में फैला हुआ है। पर्यटकों को वन्यजीवों को देखने के लिए एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए करीब डेढ़ किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
बाघ व शेर के पिंजरे तो फिर भी पास हैं, लेकिन अन्य वन्यजीवों के पिंजरे काफी दूर हैं। पार्क घूमने आने वाले युवा तो आसानी से पूरा पार्क घूम लेते हैं, लेकिन बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी उठानी पड़ती है। वे पूरे पार्क को नहीं घूम पाते। कई तो बीच में से ही वापस लौट जाते हैं। पार्क में बाघ, शेर, भालू, नीलगाय, चीतल, काले हिरण, पैंथर समेत अन्य वन्यजीव हैं, लेकिन वन्यजीवप्रेमी सभी जीवों को नहीं देख पाते।
जानकारी के अनुसार करीब दो सप्ताह पूर्व एक उद्योग समूह की ओर से दो गोल्फ कार्ट भेंट की थी। इन दो गाडि़यों में एक गोल्फ कार्ट 6 व दूसरी 8 सीटर है। दोनों गाडि़यों को प्रशिक्षण देकर ईडीसी के माध्यम से संचालित करने की योजना थी।