कोटा @ पत्रिका. इस वर्ष जंगल नहीं जंगल के बाहर खाली पड़ी जमीन पर पौधारोपण कर जंगल विकसित किया जाएगा। वन विभाग प्रदेश में मानसून सीजन में जंगल के बाहर हरियाली बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसके लिए विभाग टीओएफ यानी ट्री आउटसाइड ऑफ फॉरेस्ट थीम पर पौधारोपण करेगा। प्रदेश भर की विभिन्न नर्सरियों में पांच करोड पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जुलाई से पौधों को वितरित किया जाएगा।
मुख्य वन संरक्षक महेश गुप्ता के अनुसार प्रदेश में अभी 9 प्रतिशत ही वन क्षेत्र है। इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है, इसी के तहत टीओएफ थीम पर कार्य किया जा रहा है। ये पौधे रियायती दरों पर आमजन को वितरित किए जाएंगे। मंडल वन के उपवन संरक्षक जयराम पांडे के अनुसार कोटा में विभिन्न नर्सरियों में 13 लाख व बूंदी, बारां तथा झालावाड़ में 42 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें फलदार, छायादार, फूलदार समेत 25 विभिन्न प्रजातियों के पौधे हैं।
कोटा में देवलीअरब, बड़गांव, लाडपुरा रेंज समेत जिले की मोड़े, आलनिया, कनवास व अन्य नर्सरियों में पौधे तैयार कर रहे हैं। सरकारी, गैर सरकारी निकाय, आमजन को पौधे वितरित किए जाएंगे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण किया जाएगा। आकार के आधार पर 2 से 15 रुपए तक पौधे मिलेंगे।