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सेफ्टी सर्टिफिकेट के बिना नहीं चलेंगे सरकारी स्कूल, होगी सुरक्षा ऑडिट

कोटा

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Newsdesk

Aug 09, 2026

Rajasthan

बारां. स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सख्त कदम उठाया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब किसी भी राजकीय विद्यालय भवन का उपयोग सुरक्षा प्रमाण-पत्र के बिना नहीं किया जा सकेगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को सार्वजनिक निर्माण विभाग ( पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से प्रदेश के शत प्रतिशत राजकीय विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विद्यालय भवनों की वास्तविक स्थिति सामने आने के साथ असुरक्षित भवनों के सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दस दिन में देनी होगी रिपोर्ट:
जयपुर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद जारी निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग ने विद्यालय भवनों की सुरक्षा को लेकर समयबद्ध कार्यवाही करने को कहा है। जिन विद्यालय भवनों को पहले असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद वहां पीडब्ल्यूडी के माध्यम से सुरक्षा ऑडिट करवाया जाएगा। ऐसे विद्यालयों की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर 10 दिन के भीतर राज्य परियोजना निदेशक को भेजनी होगी।

सुरक्षा प्रमाण-पत्र के बाद ही उपयोग

नई व्यवस्था के तहत विद्यालय भवनों की सुरक्षा को लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ेगी। ऑडिट के बाद सुरक्षित पाए गए भवनों को ही उपयोग में लिया जाएगा,जबकि असुरक्षित भवनों में विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने और जर्जर विद्यालय भवनों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

जर्जर भवन होंगे जमीदोंज

पूर्व में किए गए सर्वे में जिन विद्यालय भवनों को पूर्ण रूप से जर्जर एवं अनुपयोगी घोषित किया जा चुका है और जिन्हें विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्यनजर खाली कराया गया है, उन्हें अब लंबे समय तक ऐसे नहीं छोड़ा जाएगा। निदेशालय ने संभावित हादसों से बचाव के लिए ऐसे जर्जर भवनों को तत्काल जमीदोंज करने के निर्देश दिए हैं।

हर हिस्से का होगा एक्सरे

विद्यालय भवनों का सुरक्षा ऑडिट सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से करवाया जाएगा। भवन की संरचनात्मक मजबूती, दीवारों, छत, कमरों और अन्य आवश्यक हिस्सों की स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर भवन के सुरक्षित अथवा असुरक्षित होने के संबंध में रिपोर्ट तैयार होगी। सुरक्षा प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही विद्यालय भवन का उपयोग किए जाने की स्थिति स्पष्ट होगी।