कोटा. शहर में भारी बारिश से बने बाढ़ के हालातों को देखते हुए जिला कलक्टर ने राजकीय विद्यालयों में दो दिन अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने संस्था प्रधानों को स्थिति के अनुरूप स्कूलों में दो दिन तक अवकाश घोषित करने करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे राजकीय स्कूल जहां पानी भरा रहता हो या बच्चों के आने-जाने के दौरान हादसे की आशंका रहती हो, ऐसे स्कूलों में संस्था प्रधान अवकाश घोषित कर सकते हैं। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जिले में कफ्र्यू जैसे हालात बने हुए हैं।
गुरुवार को 24 घंटे में करीब 6 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिन यानी 17 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को बाढ़ आपदा प्रबंधन की व्यवस्था माकूल करने के निर्देश दिए हैं। कैथून में बाढ़ के हालात हैं। वहां एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। मोटर बोट के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। कांगे्रस प्रदेश सचिव नईमुद्दीन गुड्डू भी राहत कार्य में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन के पैकेट बांटे जा रहे हैं।
कैथून में बिगड़े हालात
भारी बारिश से कैथून कस्बे में बाढ़ से हालात भयावह हो गए हैं। पूरे कस्बे में हाहाकार मचा हुआ है। एनडीआरएफ व बचाव दल अब तक 250 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू करवा चुके हैं। ग्रामीण पुलिस एसपी राजन दुष्यंत और जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल नांव से बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर रहे हैं। मदद के लिए सेना को बुलाया गया है। कैथून इलाके में 5 फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है।
सड़कें दरिया तो कॉलोनियां बनी तालाब
हाड़ौती में लगातार भारी बारिश से बाढ़ के हालात बन गए हैं। चारों जिलों की सभी बड़ी नदियां जबरदस्त उफान पर होने से प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं, निचले इलाकों में पानी भर गया है। कोटा में 24 घंटे में 6 इंच बारिश दर्ज की गई है। कैथून में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। घरों में 4 से 5 फीट पानी भर गया है। सड़कें दरिया बन गई। हालातों को देखते हुए जिला कलक्टर ने सेना से मदद मांगी है। वहीं, एनडीआरएफ टीम राहत कार्य में जुटी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिन यानी 17 अगस्त तक रेड अलर्ट जारी किया है। बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा के ग्रामीण अंचल में कई बस्तियां जलमग्न हो गई।
पांच साल में पहली बार रानपुर तालाब पर चली चादर
रानपुर स्थित तालाब पांच साल में पहल बार लबालब हुआ है। जोरदार बारिश की आवक होने से तालाब पर चादर चलने लगी है। प्रशासन द्वारा शहर में सभी निचले इलाकों के रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जा रही है।
यह मार्ग बंद और यह चालू
भारी बारिश से कोटा-झालावाड़, कोटा-सांगोद, बारां-झालावाड़, बपावर-झालावाड़, सिमलिया-देवली (सांगोद) मार्ग बंद हो गए हैं। यहां प्रमुख नदिया उफान पर होने से जिला मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है। वहीं, कोटा-बारां फोरलेन और कोटा-जयपुर फोरलेन हाइवे ही हैं चालू हैं।
रामगंजमंडी-कोटा हाइवे-52 बहाल
रामगंजमंडी-कोटा हाइवे-52 बारिश के 24 घंटे बाद बहाल हो गया है। सुबह से लगा जाम खुलने लगा है। पुलिस यातायात सुचारू करवाने में जुटी हुई है। वहीं, दरा गांव के पास नाला उफने से यह हाइवे बंद हो गया था। राजमार्ग पर अभी भी पानी का बहाव है। वाहन रेंग-रेंग कर निकल रहे हैं। यहां बुधवार शाम 4 बजे से ही भारी जाम लगा हुआ था।