20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

आंखें मूंद कर बैठे अधिकारी, सड़क पर अवैध रेत मंडी की अनुमति किसने दी, शहर में हादसों का कारण बन रहे भारी वाहन

कोटा. कोटा शहर में सुबह से लेकर रात तक नो एंट्री के बावजूद रेती से भरे भारी वाहन व ट्रैक्टर-ट्रॉली दौड़ रहे हैं। इस साल भारी वाहनों से होने वाले हादसों में ही 59 मौतें हो चुकी हैं।

Google source verification

कोटा. कोटा शहर में सुबह से लेकर रात तक नो एंट्री के बावजूद रेती से भरे भारी वाहन व ट्रैक्टर-ट्रॉली दौड़ रहे हैं। डीसीएम रोड पर फ्लाई ओवर के पास समेत शहर में कई जगह अवैध रेतमंडी चल रही है। इन जगहों तक ट्रक व ट्रोले आ रहे हैं। यहां से शहर में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम दौड़ रही हैं। इस साल भारी वाहनों से होने वाले हादसों में ही 59 मौतें हो चुकी हैं। गत दिनों अवैध रेत मंडी में रेत खाली कर जा रहे एक ट्रोले ने दो नर्सिंग छात्राओं को चपेट में ले लिया था।

आधा दर्जन से ज्यादा स्टॉक

डीसीएम फ्लाईओवर के नीचे आधा दर्जन से अधिक रेत के स्टॉक हैं। 80 फीट रोड से संजय नगर वाले मार्ग पर फ्लाई ओवर के नीचे, नॉनवेट रेस्टोरेंट के आसपास तथा कार सेंटर के सामने तो पूरी सड़क पर बजरी के ढेरों नजर आते हैं।

ट्रक लाते हैं, ट्रॉलियों से होती है सप्लाई

डीसीएम फ्लाईओवर के नीचे संजय नगर की तरफ सड़क पर पूरे इलाके में सुबह से लेकर शाम तक एक दर्जन ट्रॉलियां खड़ी रहती हैं। जब यहां रेत नहीं मिलती तो लोग बूंदी रोड या केशवरायपाटन चौराहे से बजरी मंगवाते हैं।

ट्रॉली से ट्रक का काम

मुनाफे के चक्कर में ट्रॉलियों को मोडिफाई कर दिया जाता है। दो की जगह चार पहिए लगाते हैं। ट्रॉली का आकार बड़ा कर देते हैं। ट्रॉली को ओवरलोड करने पर एक ट्रक जितनी ईंट भरी जा सकती हैं।