4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

High Court bench: आखिर 12 दिन बाद थम ही गया सफर…

High Court की मांग को लेकर पिछले 12 दिन से चल रही हड़ताल शनिवार को स्थगित कर दी गई।

2 min read
Google source verification
high court

High Court bench: आखिर 12 दिन बाद थम ही गया सफर...

कोटा . सोमवार से काम पर लौटेंगे वकील। 12 दिन से चल रही हड़ताल की स्थगित। High Court बेंच की मांग को लेकर पिछले 12 दिन से चल रही हड़ताल शनिवार को स्थगित कर दी गई।

अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष मनोज पुरी ने बताया कि शुक्रवार को परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल विधि राज्य मंत्री पुष्पेंद्र सिंह से मिला था, जहां उन्होंने आश्वासन दिया कि अभी तक हाई कोर्ट बेंच के लिए किसी तरह की कोई कमेटी गठित नहीं की गई है यदि भविष्य में कमेटी गठित की गई तो उसमें कोटा, अजमेर , बीकानेर और उदयपुर संभाग को समान प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

Yoga special : केवल ये एक आसन आपकी सारी बीमारियां कर देगा दूर


उन्होंने बताया कि High Court खोलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं है, कमेटी बनाना तो बहुत दूर की बात है। इसके बाद मंत्री चतुर्वेदी से भी मुलाकात कर उन्हें भी ज्ञापन दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में परिषद महासचिव जितेन्द्र पाठक, पूर्व अध्यक्ष नवीन शर्मा, अजय नंदवाना, दिनेश चावला, रवि विजय व हरीश शर्मा शामिल थे।

उनके इस आश्वासन के बाद शनिवार को कोटा में संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 दिन से चल रहा आंदोलन हड़ताल फिलहाल स्थगित की जाती है और सोमवार से वकील काम पर लौटेंगे।

Read More: खुला तबादलों का पिटारा, कोटा फुल, गांव खाली

अध्यक्ष मनोज पुरी ने बताया कि High Court बेंच की मांग के समर्थन में संभाग स्तर की एक संघर्ष समिति गठित की जाएगी जिसमें अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष सभी पदाधिकारी जनप्रतिनिधि व्यापार संघ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा वह समय समय पर जन जागरण अभियान चलाएंगे और हाई कोर्ट बेंच स्थापना की फोटो में आवश्यकता के बारे में लोगों को जागरुक करेंगे।

कोटा में ही स्थापित हो हाईकोर्ट बैंच
डिवीजनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री अध्यक्ष रामकल्याण लड्ढा, महासचिव राजेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कोटा में हाईकोर्ट बैंच खोलने की मांग की।