13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हिन्दी मीडियम का छात्र दो बार हुआ फेल, फिर बना डॉक्टर

कॉमर्स कॉलेज में चल रहे कॅरियर उत्सव समापन, मोटिवेशनल कार्यशाला में कोटा के सीनियर डॉक्टरर्स ने बांटे कोचिंग स्टूडेंट्स से अपने बीते अनुभव।

2 min read
Google source verification
कॅरियर उत्सव

कोटा .

मैं हिन्दी मीडियम का बच्चा था, लेकिन सपना था कि डॉक्टर बनूं। इसके लिए मैंने एन्ट्रेंस एक्जाम दिया पर सफलता नहीं मिली। हार नहीं मानी और दोबारा फिर एक्जाम दिया। दोबार फिर फेल हो गया, फिर बीएससी में प्रवेश ले लिया। कड़ी मेहनत की और 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर बीएससी करने के बाद मेडिकल में एडमिशन लिया।

यह कहना कोटा के लप्रोस्कॉपी सर्जन डॉ. सीपी सिंह का। कॉमर्स कॉलेज में चल रहे कॅरियर उत्सव में रविवार को उन्होंने कोचिंग विद्यार्थियों से अपने जीवन के अनुभव बांटे। डॉ. सिंह ने कहा कि सोचा कि पढऩा कितना जरूरी है। पूरे साल पढ़ा और बीएससी में अच्छे अंक लाकर मेडिकल में दाखिला पाया। उन्होंने क्रिकेट मैच में भले ही हार-जीत तय होती है, लेकिन जीवन के इस खेल में हम खिलाड़ी है। भले हर दिन प्रकृति अपना नियम बदले। कॉलेज अपना नियम बदले, लेकिन हमें अपना नियम नहीं बदलना है। प्रतिदिन सुबह पांच बजे उठे। दो घंटे पढ़ाई करें। मेडिटेशन करें। एक्सरसाइज करें। अच्छा भोजन करें। पढ़ाई करें। अच्छा सोचे। अनुशासन और अभ्यास जीवन में अपनाएं। जीवन में सफलता मिलेगी।

Read More: ब्लड रिप्लेसमेंट से नहीं डोनेशन से होते हैं तनावमुक्त

अगले जन्म में भी चाहूंगा कि मैं डॉक्टर बनूं : कार्यशाला में सीनियर फिजिशियन डॉ. केके पारीक ने कहा कि डॉक्टर का पेशा सेवा का पेशा है। लोग डॉक्टर को भगवान मानते है। क्योंकि वह दूसरों की जान बचाता है। इसलिए डॉक्टर्स जहन में सेवा का भाव रखते है। संवेदनशील होकर उसकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि मैं तो अगले जन्म में भी डॉक्टर ही बनना चाहूंगा। इस पेशे में खूब पैसा व सम्मान भी मिलता, लेकिन डॉक्टर का एक ही भाव रहता है कि वह हर जरुरतमंद की सेवा करें।

Read More: साइकिल चलाओ, मेमोरी बढ़ाओ ...देखिए तस्वीरें

चिकित्सक का काम चैलेजिंग का : न्यूरो सर्जन डॉ. विजय सरदाना ने कहा कि चिकित्सक का काम चैलेजिंग का होता है। इस पेशे में मान-सम्मान है। पैसों की इंपोटेंट सिर्फ इतनी होती है कि जितनी हमें जरूरत है, उतना हमें मिल जाए, बाकी पैसा किसी काम का नहीं है। उन्होंने मनी शब्द के बारे में कहा कि यह बच्चे के खिलौने के समान है। इस कारण हमेशा हमें पॉजीटिव सोचना होगा। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जिंदल ने कहा कि पेशेन्ट व डॉक्टर का रिलेशनशिप एेसा है जो कभी खत्म नहीं होता। डॉक्टर हर हाल में रोगी को बचाने का प्रयास करता है, लेकिन कुछ लोगों के कारणों से डॉक्टर व मरीज के रिलेशनशिप खराब होते है। हमें इस और ध्यान नहीं देना। उन्होंने बच्चों को ग्रुप डिस्कशन करें। कार्यशाला में डॉ. नीता जिंदल, डॉ. राजश्री, डॉ. अनुराधा, डॉ. चारू, जयपुर के मोटिवेशनर एंकर अजीत सिंह व सीए श्रीपाल जैन ने कोचिंग विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा किए।

Read More: 4 साल सूरत-ए-हालः अयोग्य कुलपतियों और आधे शिक्षकों के भरोसे उच्च शिक्षा

85 हजार विद्यार्थियों ने की शिरकत : के-2 लर्निगं व इटोस गु्रप द्वारा आयोजित कॅरियर उत्सव 2017 के तीसरे एवं अंतिम दिन हजारों विद्यार्थियों की उपस्थिति में शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन हुआ। इसमें करीब 85 हजार से अधिक कोचिंग विद्यार्थियों ने शिरकत की। इटोस ग्रुप के निलेश अग्रवाल ने बताया कि समारोह में मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला न्यायधीक्ष संजय कुमार त्रिपाठी, महापौर महेश विजय, कांग्रेस प्रदेश महासचिव पंकज मेहता, कॅरियर पांइट के निदेशक प्रमोद माहेश्वरी, बंसल क्लासेज के सीइओ समीर बंसल, वाइस प्रेसीडेंट अम्बरीश तिवारी, एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल, इंडस्ट्रीयलिस्ट विपुल साबु रहे।