
और इस तरह...काली कमाई का दवाखाना जब्त हुआ
कोटा . आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में एसीबी कोर्ट के आदेश पर जिला कलक्टर गौरव गोयल की ओर गठित छह सदस्यीय टीम ने शनिवार शाम केशवपुरा स्थित टीटी अस्पताल को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान टीम सदस्यों ने अस्पताल के सभी कमरों, ऑपरेशन थियेटर, मेडिकल स्टोर, वार्ड, फिजियोथैरेपी वार्ड, चिकित्सकों के आउटडोर रूम आदि का गहन निरीक्षण किया। बाद में सभी कमरों को ताले लगाकर सीज कर दिया।
जिला कलक्टर के निर्देश पर टीम के प्रशासनिक नियंत्रण अधिकारी यूआईटी सचिव आनंदीलाल छह सदस्यीय टीम के साथ शाम करीब पांच बजे केशवपुरा स्थित टीटी अस्पताल पहुंचे। जहां कर्मचारी, नर्सिंग कम्पाउंडर, फार्मसिस्ट तैनात मिले। अस्पताल में मरीज नहीं थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद वे जा चुके थे।
टीम ने यहां पहुंचकर तीन मंजिला अस्पताल के सभी कमरों की जांच करना शुरू किया। स्टॉफ से सभी कमरे खुलवाए। तीसरी मंजिल पर बने ऑपरेशन थियेटर का गहनता से निरीक्षण किया। इसके बाद दूसरी मंजिल पर बने मरीज वार्ड, ग्राउंड फ्लोर पर बने फिजियोथैरेपी वार्ड का निरीक्षण किया। साथ ही, यहां रखे एक्सरसाइज इक्यूपमेंट की भी जानकारी ली।
विभिन्न कक्षों और मेडिकल स्टोर का जायजा लेकर ताले मंगवाने के लिए बोला तो स्टॉफ ने रुपए नहीं होने की बात कही।
इस पर टीम में शामिल सदस्यों ने ही दस ताले मंगवाकर सभी कमरे, लिफ्ट, स्वागत कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, ओपीडी रूम में ताले लगाए। इस दौरान कमेटी के वित्त नियंत्रक परमानंद गोयल, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक देवेंंद्र विजयवर्गीय, नर्सिंग अधीक्षक हंसराज शर्मा, अस्थि रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर आरपी मीणा, चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश जैन मौजूद थे।
साहब, हमारा क्या होगा
अस्पताल सीज करने के दौरान स्टॉफ ने टीम सदस्यों के सामने अपनी परिवेदना प्रस्तुत की। स्टॉफ ने कहा कि अस्पताल में सफाईकर्मी से लेकर नर्सिंग स्टॉफ, कम्पाउंडर, फार्मासिस्ट सहित ३३ जने हैं। अस्पताल सीज होने के बाद उनकी नौकरी का क्या होगा। उनकी पगार कौन देगा। इस पर टीम सदस्यों ने कहा कि सभी सामूहिक रूप से एप्लीकेशन दे दो। आपकी परिवेदना कलक्टर साहब के माध्यम से कोर्ट तक पहुंचा देंगे। जो भी करना है, कोर्ट को ही करना है। हम भी कोर्ट के आदेश की पालना कर रहे हैं।
Published on:
26 May 2018 09:46 pm
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