#sehatsudharosarkar: अस्पतालों की व्यवस्थाएं वेंटीलेटर पर और वेंटीलेटर पड़े हैं खराब

Vineet singh

Publish: Sep, 17 2017 03:38:14 (IST)

Kota, Rajasthan, India
#sehatsudharosarkar: अस्पतालों की व्यवस्थाएं वेंटीलेटर पर और वेंटीलेटर पड़े हैं खराब

कोटा में स्वास्थ्य सेवाएं इन दिनों वेंटिलेटर पर हैं और वेंटिलेटर खराब पड़े हैं। स्वाइन फ्लू और डेंगू हर रोज 2-3 लोगों की जिंदगी निगल रहे है।

मौत अपने झपट्टे की रफ्तार कितनी ही तेज कर दे, सरकारी रवायत को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मशीनरी अपनी ही रफ्तार से चलेगी, संभाग मुख्यालय के तीनों बड़े अस्पतालों में मृत पड़े या मरणासन्न वेंटीलेटर्स का मामला इसका चश्मदीद है। आईआईटीयन चैतन्य की वेंटीलेटर के अभाव में मौत के 20 दिन बाद भी तीनों अस्पताल प्रशासन सुस्त रफ्तार सरकारी रस्में निभा रहे। एमबीएस अस्पताल अधीक्षक ने ५ सदस्यीय समिति गठित कर खराब वेंटीलेटर चिह्नित करने का जिम्मा सौंपा, वहीं चैतन्य की मौत के बाद तत्काल एक-दो दिन में वेंटीलेटर दुरुस्त कराने का दावा करने वाला नया अस्पताल प्रशासन अभी निविदा प्रस्ताव तक ही बढ़ा। जेके लोन में कोई एक्सरसाइज ही नहीं हुई, वे अभी भी दिलासा ही दे रहे हैं।

 

43 में से 22 वेंटिलेटर पड़े हैं खराब
मेडिकल कॉलेज अस्पताल से संबद्ध नए अस्पताल, एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में 43 में से 22 वेंटीलेटर खराब हैं। शहर में प्रतिदिन 8 से 10 मामले डेंगू के आ रहे हैं। वहीं, मल्टी ऑर्गेन फैल्योर के मामले बिगड़ रहे हैं। इसके बावजूद तीनों अस्पतालों के अधीक्षक सिर्फ दिलासा दे रहे हैं। मेडिसिन आईसीयू में 10 वेंटिलेटर हैं। जिनमें से 6 खराब पड़े हैं। ऐसे ही न्यूरो सर्जरी के 3 में से 2, स्वाइन फ्लू वार्ड के 3 में से 2 खराब, स्टॉक यूनिट के 7 में से 3 वेंटिलेटर अभी भी खराब पड़े हैं।

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नए अस्पताल के वार्ड बॉय ही करते हैं एक्सरे

'पत्रिका टीम' जब हॉस्पिटल पहुंची तब एक्स-रे कक्ष में तकनीशियन गायब मिले। इस कक्ष में पवन नाम का वार्ड बॉय एक्सरे कर रहा था। नियमानुसार एक्स-रे तकनीशियन ही कर सकते हैं। इस मामले में अस्पताल अधीक्षक देवेन्द्र विजयवर्गीय ने कहा कि वार्ड बॉय एक्सरे कर रहा है तो विभागाध्यक्ष को हिदायत देंगे और तकनीशियन की ही ड्यूटी सुनिश्चित करेंगे। दो दिन छोटे अस्पतालों में हालात देखने के बाद शनिवार को 'पत्रिका टीमÓ मेडिकल कॉलेज नए अस्पताल गई तो यहां भी व्यवस्थाएं भगवान भरोसे ही दिखी। यूं मानियेे, व्यवस्थाएं वेंटीलेटर पर हैं। पर्ची से लेकर जांचों, डॉक्टर को दिखाने व ब्लड बैंक में रक्त की जरूरत जैसे कार्यों में लोगों को धक्के खाने पड़ रहे। शनिवार को रक्त संग्रहण कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया। यहां धक्का-मुक्की हो गई। कक्ष के बाहर काफी भीड़ थी। धक्का मुक्की के बाद गार्ड ने व्यवस्थाओं को संभाला।

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टीम बनी है अब, काम होगा कब

एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीके तिवारी कहते हैं कि एमबीएस अस्पताल में गत दिनों पांच चिकित्सक सदस्यों की टीम बनाई है। यह टीम वेन्टीलेटर्स की जांच कर यह बताएंगी कि कितने रिपेयर व कंडम घोषित करने लायक हैं। वहीं न्यू हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. देवेंद्र विजयवर्गीय बताते हैं कि आईसीयू में विद्युत लाइन व ऑक्सीजन प्वांइट्स को भी बदला गया है। वेंटीलेटर ठीक कराने के लिए निविदा कराने के प्रस्ताव भिजवा दिए हैं।

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