
पनबिजली घर को मिलेगा नया जीवन, रियल लाइफ टाइम सर्वे
कोटा.रावतभाटा. सब कुछ ठीक रहा तो राणा प्रताप सागर बांध स्थित राणा प्रताप सागर पन बिजलीघर का कायाकल्प हो जाएगा। करीब छह दशक पूर्ण कर चुका बाद 60 साल पुराना पन बिजली घर एक नए प्रोजेक्ट की तरह विद्युत उत्पादन करेगा। रांची की मैक्रोन कंपनी इन दिनों पन बिजली घर का रियल लाइफ टाइम सर्वे कर रही है।
कंपनी के उप महाप्रबंधक आरके सिन्हा की देखरेख में पन बिजली घर की उम्र कितनी बाकी है, 60 सालों में टरबाइन और सिविल स्ट्रक्चर पर क्या प्रभाव पड़ा है समेत अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट मेंआवश्यक जरूरी आवश्यक बदलाव , कौनसे नए उपकरण लगाए सम्बिन्धत सुझाव भी दिए जाएंगे।
नवजीवन में 250 करोड रुपए खर्च का अनुमानपन बिजली घर के नव जीवन के लिए 250 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान है। पन बिजली घर में 43,_43 मेगावाट की 4 इकाइयां हैं। इनमें से दो इकाइयां चल रहीं है और दो बंद पड़ी है । 2019 में बांध का पानी भरने से जलमग्न हुई। इकाईया ठप पड़ी थी। 31 दिसंबर 2021 को इकाई 1 को पुन शुरू किया गया। वही चौथी गई 8 जून 2022 को शुरू की गई।
शुरू हुआ सर्वेगुरुवार को पन बिजलीघर की चारों इकाइयों का सर्वे शुरू हुआ। मैक्रोन कंपनी के गोताखोर बांध के टॉप लेवल से 160 फीट नीचे गहराई उतरे और चार पेनस्टॉक गेटों के रिसाव की मरम्मत में जुट गए। शुक्रवार को बिजली निर्माण के बाद छोड़े गए पानी के गेटों के मरम्मत का कार्य होगा।
क्या है पेनस्टॉक गेटपन बिजली घर बांध के निचली सतह पर है। बांध के ऊपर चार पेनस्टॉक गेट है। हर गेट से पन बिजली घर की अलग-अलग यूनिट को पानी पहुंचता है। हर यूनिट की असेसमेंट की शुरुआत में मैक्रोन कंपनी के गोताखोर इन्हीं पेनस्टॉक गेट के अंदर गए।
किसी गेट में 80 फ़ीसदी रिसाव मिला और किसी में 95 फ़ीसदी मिला, लेकिन कंपनी ने अपना अनुभव से 1 दिन में 4 गेटों की मरम्मत कर डाली। कंपनी रियल टाइम लाइफ एसेसमेंट जिसे तकनीकी भाषा में आरएलपी कहते हैं की रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर निगम को सौंपेगी। रिपोर्ट पर मंथन के बाद राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे। मंजूरी मिलते ही पन बिजली घर के नवजीवन के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
Published on:
09 Jun 2022 10:02 pm
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