दुनिया के कई देशों में महंगाई दर 40 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इसे कंट्रोल करने के लिए केन्द्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की। इससे साल 2023 में मंदी की आशंकाएं पैदा हो गई। जब भी अर्थव्यवस्था में मंदी आती है तो सोने-चांदी की कीमें ऊपर जाने लगती है। लगातार बढ़ते भावों से लोगों ने सोने-चांदी में निवेश करना शुरू कर दिया। क्योंकि सोने-चांदी ने निवेश से एक साल में ही 15 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला है।
एक साल में चांदी में 18 हजार का उछाल
सोने-चांदी की दरों के आंकड़े पर गौर करे पिछले सितम्बर से अभी तक एक साल में चांदी के दामों में 18 हजार रुपए तक का उछाल आ गया है और इस जनवरी से अभी तक देखें तो चांदी में करीब 10 हजार रुपए से ज्यादा का उछाल आया है। वहीं सोने में भी एक साल में 8500 रुपए उछाल आ चुका है।
इन वजहों से आएगी चांदी में तेजी
कोटा सर्राफा डॉट इन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेन्द्र गोयल विचित्र ने बताया कि जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिलता है, सोना-चांदी सेफ हैवन एसेट बनने लगते हैं। इससे इनकी कीमतों में तेजी आती है। इस समय रूस-यूक्रेन युद्ध जस का तस बना हुआ है। इसके अलवा चीन-ताइवान में भी विवाद बढ़ता जा रहा है। दूसरा कारण डालर इंडेक्स का गिरना भी है। डालर में आगे भी गिरावट रहने का अनुमान है। जब डालर गिरता है तो सोने-चांदी में तेजी आती है। आईएमएफ का भी अनुमान है कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। मंदी की स्थिति में सोना-चांदी सुरक्षित निवेश में मजबूत होता है और कीमतों में भी तेजी आती है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में सोने ने 13.79 फीसदी का रिर्टन दिया है जो इस साल बढकऱ 14 फीसदी होने की सम्भावना है।
बढ़ती कीमतों से ग्राहकी प्रभावित नहीं
विचित्र ने बताया कि पहले सोने-चांदी में कीमतों में वृद्धि के कारण ग्राहकी प्रभावित होती थी और कम कीमत के इतंजार में बाजार थम जाते थे या कम वजन की ज्वैलरी खरीदते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। ग्राहकों को सोने-चांदी में निवेश करने में लाभ दिखाई दे रहा है। शादी-ब्याह में भी अपने बजट के हिस्से की एक बड़ी राशि में सोने-चांदी की ज्वैलरी खरीदकर सुरक्षित निवेश के तौर पर अपनी बहन-बेटियों को दे रहे हैं।
ऐसे बढ़ी कीमतें
वर्ष सोना चांदी
सितम्बर 2022 52,250 54,500
जनवरी 2023 54,600 65700
सितम्बर 2023 60,500 74000