
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को ज्ञापन देने पहुंचे (फोटो: पत्रिका)
110 Indian Student Will Return Safely: ईरान और अमरीका के बीच जारी युद्ध के हालातों के बीच ईरान की उर्मिया मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में फंसे कोटा निवासी छात्र माज हैदर सहित 110 छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एयरस्पेस बंद होने के कारण छात्रों को सीधे उड़ान से नहीं लाया जा सकता। इसलिए उन्हें पहले सड़क मार्ग से आर्मेनिया पहुंचाया जाएगा। इसके बाद वहां से दुबई होते हुए नई दिल्ली लाया जाएगा। परिवार वालों को इस बात की खबर लगते ही जश्न का माहौल शुरू हो गया और बच्चों के घर आने की तैयारियां शुरू कर दी है।
राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक और बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर नई दिल्ली में संबंधित संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग की है। शर्मा ने बताया कि ईरान स्थित भारतीय दूतावास और विश्वविद्यालय प्रशासन के समन्वय से छात्रों को उर्मिया से आर्मेनिया बॉर्डर तक पहुंचाया जाएगा, जहां से आगे की यात्रा की व्यवस्था की जाएगी।
शर्मा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर की थी। बुधवार को उन्होंने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय पहुंचकर भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन नरेंद्र मोदी, एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिश्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के नाम दिया गया, जिसमें छात्रों की शीघ्र और सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि उर्मिया विश्वविद्यालय से आर्मेनिया सीमा तक यात्रा के दौरान भी भारत सरकार को युद्ध में शामिल देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समन्वय कर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
उधर पिछले 11 दिनों से ईरान में फंसे छात्रों के परिजन लगातार चिंता में हैं। कोटा निवासी छात्र माज हैदर के मामा जुनैद फारुखी ने बताया कि ईरान पर इजराइल और अमरीका की बमबारी के बीच परिजनों के लिए हर पल भारी पड़ रहा है। सभी परिवार अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
Updated on:
13 Mar 2026 07:59 am
Published on:
13 Mar 2026 07:57 am
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