कोटा. विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। सीएम गहलोत के उपराष्ट्रपति के बार-बार राजस्थान दौरे पर आने को लेकर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री मुरलीधरन ने कहा कि उपराष्ट्रपति राजस्थान के बेटे व किसान पुत्र है। वह एक सवैधानिक पद है। ऐसे व्यक्ति राजस्थान में बार-बार आते हैं तो राजस्थान के मुख्यमंत्री को स्वागत करना चाहिए। तंज कंसना गलत है। मैं खुद केरल से हूं, मैं चाहूंगा कि उपराष्ट्रपति केरल में बार-बार आए। अगर मैं राजस्थान का होता तो मैं स्वागत करता। यह कोई राजनीतिक विषय नहीं है। उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति का प्रवास किसी भी प्रदेश में होता है तो इसका फायदा उस प्रदेश को होता है। मुझे आश्चर्य है कि यहां के मुख्यमंत्री ऐसे विषय पर आपत्ति जता रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री को इस प्रदेश व राज्य के विकास, प्रगति के लिए रुचि नहीं है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने सनातन धर्म को लेकर दिए जा रहे विरोधी बयानों को लेकर कहा कि इंडिया के घटक दलों का सनातन विरोधी बयान पर कांग्रेस की चुप्पी आश्चर्यजनक है। सनातन विरोधी टिप्पणी पर कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। ये बयान का सर्मथन है या कुछ और। मणिपुर के विषय को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन और सदन के बाहर इस विषय पर सरकार की नीति व सरकार के प्रयास के बारे में जानकारी दे चुके। गृहमंत्री ने खुद इंफाल जाकर सभी लोगों से बातचीत की। गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री ने लगातार 20 से 25 दिन इंफाल में रहकर सारे प्रयास किए, अभी भी भारत सरकार की तरफ से सभी प्रयास किए जा रहे हैं। जब उनसे पूछा कि छोटा सा स्टेट कंट्रोल नहीं हो पा रहा तो उन्होंने कहा वो विषय अलग है।