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सम्मेद शिखर तीर्थ के लिए सड़कों पर उतरा जैन समाज

पर्यटक स्थल घोषित करने का विरोधरैली निकाली, ज्ञापन दिया

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सम्मेद शिखर तीर्थ के लिए सड़कों पर उतरा जैन समाज

सम्मेद शिखर तीर्थ के लिए सड़कों पर उतरा जैन समाज

रामगंजमंडी (कोटा). झारखंड स्थित सम्मेद शिखर तीर्थ को झारखंड सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा वन्य जीव अभयारण्य इको सेंसेटिव जोन घोषित कर पर्यटन की अनुमति देने के प्रयासों एवं नोटिफिकेशन जारी करने के विरोध में सकल जैन समाज रामगंजमंडी ने ज्ञापन दिया। बाजार नंबर 1 स्थित दिगंबर जैन मंदिर पर सुबह से ही जैन समाज के पुरुष, बच्चे और महिलाओं का आना शुरू हो गया। सुबह 9 बजे रैली प्रारंभ होकर बाजार नंबर 6, युवा दल चौराहा, पन्नालाल चौराहा, सरकारी कुआ चौराहा, माल गोदाम चौराहा, पुलिस थाना होते हुए अदालत परिसर पहुंचा। इस दौरान पुरुष, महिलाएं और बच्चे हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर नारे लगाते चल रहे थे। अदालत परिसर के मुख्य द्वार पर आए तहसीलदार को आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्री संघ अध्यक्ष राजकुमार पारख, शांतिनाथ दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष अजीत कुमार सेठी, बघेरवाल जैन समाज अध्यक्ष महेंद्र ठोरा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजीत पारख, हुकुम बाफना, दिलीप विनायका, ज्ञानचंद सबदरा, विजय कुमार छाजेड़, बघेरवाल समाज महामंत्री पदम सुरलाया, चक्रेश जैन, राजकुमार गंगवाल, जैन सोशल ग्रुप अध्यक्ष प्रदीप शाह, सचिव राजीव बाकलीवाल, वीर जैन सोशल ग्रुप अध्यक्ष सुनील सुरलाया, ज्ञानचंद डांगी, प्रकाश धारीवाल, प्रदीप चतर, सुभाष बाफना, संजय पतीरा, रूपचंद लाडवा, संजय बीजावत, करुणेश जैन, नीलेश ठाई, राजेंद्र राका, सिद्धार्थ बाबरिया, शांतिनाथ महिला मंडल अध्यक्ष शोभना सांवला एवं महिलाओं सहित हजारों लोगों की उपस्थिति में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि ज्ञापन में पारसनाथ पर्वत राज को वन्य जीव अभयारण्य पर्यावरण पर्यटन के लिए इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत जोनल मास्टर प्लान व पर्यटन मास्टर प्लान, पर्यटन सूची से बाहर किया जाए। सम्मेद शिखर तीर्थ को मांस मदिरा मुक्त पवित्र जैन तीर्थ स्थल घोषित किया जाए। राजकुमार पारख ने कहा कि जैन समाज भामाशाह की संतानें हैं। जैसे महाराणा प्रताप को पूरा खजाना देकर सहयोग किया था आज देश का जैन समाज सरकारों को भामाशाह की तरह आर्थिक सहयोग कर रहा है। जैन समाज ने कभी अपने तीर्थों के लिए कुछ नहीं मांगा लेकिन जैनियों के किसी भी तीर्थ को अगर सरकारों ने निशाना बनाया तो जैन समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान सकल दिगंबर समाज, सकल श्वेतांबर जैन समाज, स्थानकवासी श्री संघ, जैन सोशल ग्रुप, वीर जैन सोशल ग्रुप, सुप्रभात समूह, दोनों समाज के महिला मंडल के साथ हर व्यक्ति रैली में पहुंचा। महारैली में मोड़क गांव, मोडक स्टेशन, चेचट, खैराबाद की जैन समाज के सदस्य मौजूद रहे। जैन समाज रामगंजमंडी ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर अपने काम छोड़कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। महिला शक्ति, युवा शक्ति बच्चे, बूढ़े सभी ने रैली में एकता दिखाते हुए सरकार को आगाह किया कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया तो समाज को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।