
बिजली बिल माफी की मांग करने वाले यह खबर जरूर पढ़ लें...
कोटा। जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक ए.के. गुप्ता ने राजमीट वीसी के माध्यम से जयपुर डिस्कॉम में चल रहे विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा की। वर्चुवल मीटिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए कहा कि खराब मीटरों की वजह से उपभोक्ताओं को औसत उपभोग के आधार जारी किए जाने वाले बिलों के विवाद को समाप्त करने व वास्तविक रीडिंग का बिल जारी करने के लिए खराब मीटरों को बदलने पर मीटिंग में चर्चा की गई। वर्तमान में घरेलू श्रेणी में एक लाख 25 हजार 722 मीटर खराब चल रहे है। इनमें से भी 74 हजार मीटर 6 माह से अधिक अवधि से खराब हैं। इन सभी खराब मीटरों को 31 अगस्त तक बदलने के निर्देश दिए गए है। इसी प्रकार से औद्योगिक कनेक्शनों के भी 2777 मीटर खराब हैं उन्हें भी 31 अगस्त तक बदलना है और यह कार्य विभागीय कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम में 211 सबण्डिवीजन है और प्रत्येक सबण्डिवीजन में एक मीटर सेक्सन खोला जाएग जिसमें 2.3 तकनीकी कर्मचारी को लगाया जाएगा। इस सेक्शन में मीटर बदलने व नया मीटर लगाने तथा मीटर हटाने का पूरा रिकार्ड सब डिवीजन स्तर पर रखा जाएगा। बिल जमा नहीं कराने वालों पर भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।कोटा के अधीक्षण अभियंता राजसिंह यादव का कहना है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। मुकदमें दर्ज करवाए जा रहे हैं। मीटिंग के दौरान यह बताया गया कि लगभग 30 हजार उपभोक्ता से है जिनके डिफेक्टिव मीटर की वजह से 50 यूनिट से भी कम की औसत बिलिंग हो रही है। ऐसे मीटरों को तुरन्त बदलने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि प्रति उपभोक्ता औसत उपभोग की मानिटरिंग सभी स्तर पर की जाए। सभी क्षेत्रों में समान रुप से विद्युत आपूर्ति हो रही है और उपभोग का पैटर्न एक होते हुए भी प्रतिमाह उपभोग में बहुत अन्तर होता है। इसके लिए कम उपभोग वाले उपभोक्ताओं को निगरानी में रखते हुए कारण पता करने के भी निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही प्रतिदिन की जाने वाली विजिलेन्स चैकिंग की प्रगति रिपोर्ट के लिए एक मोबाइल एप बनाया गया हैए जिसमें प्रत्येक विजिलेन्स चैकिंग अधिकारी द्वारा प्रगति दर्ज करने के निर्देश दिए गए है। जिससे प्रत्येक चैकिंग अधिकारी द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा मुख्यालय स्तर पर भी की जा सके। जयपुर डिस्कॉम में चालू वित्तीय वर्ष में अब तक की गई विजिलेन्स चैकिंग में 39954 प्रकरण विद्युत चोरी के पकड़े गए है जिसमें 94 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि का निर्धारण किया गया है और 5902 एफ आईआर दर्ज हुई है।
Published on:
29 Jul 2020 07:18 pm
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