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जेईई-एडवांस्ड: पिछले 10 सालों में सबसे कम कटऑफ

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा इस वर्ष कठिनतम परीक्षा भी साबित हुई। आईआईटी दिल्ली द्वारा सोमवार को जारी किए गए परिणामों ने ये स्पष्ट कर दिया। परिणामों का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि इस बार पेपर कठिन होने के कारण ही कटऑफ बहुत कम रही।    

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कोटा

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Abhishek Gupta

Oct 06, 2020

जेईई-एडवांस्ड: पिछले 10 सालों में सबसे कम कटऑफ

जेईई-एडवांस्ड: पिछले 10 सालों में सबसे कम कटऑफ

कोटा. देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा इस वर्ष कठिनतम परीक्षा भी साबित हुई। आईआईटी दिल्ली द्वारा सोमवार को जारी किए गए परिणामों ने ये स्पष्ट कर दिया। परिणामों का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि इस बार पेपर कठिन होने के कारण ही कटऑफ बहुत कम रही।
कॅरियर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि पिछले करीब दस वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष कट ऑफ सबसे कम रही है। इस वर्ष ओपन कैटेगिरी की औसतन कट ऑफ 17.50, विषयवार 5 प्रतिशत, ओबीसी एवं एडब्ल्यूएस की औसतन 15.75 व विषयवार 4.50 प्रतिशत, एससी व एसटी एवं शारीरिक विकलांग वर्ग की औसतन 8.75 एवं विषयवार 2.50 प्रतिशत कट ऑफ रही। गत दो वर्षों के मुकाबले इस वर्ष सामान्य श्रेणी की कटऑफ 7.5 प्रतिशत, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस की 6.75, एससी, एसटी एवं शारीरिक विकलांग विद्यार्थियों की 3.75 प्रतिशत कम रही। इस वर्ष इनफोर्मेशन बुलेटिन के अनुसार मेरिट लिस्ट में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को विषयवार एवं औसतन दोनों कटऑफ पहले ही घोषित की थी, जो कि सामान्य श्रेणी के लिए विषयवार 10 प्रतिशत व औसतन 35 प्रतिशत तथा ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए विषयवार 9 प्रतिशत एवं औसतन 31.5 प्रतिशत थी। वहीं एससी व एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विषयवार 5 प्रतिशत एवं औसतन 17.5 प्रतिशत थी। गत वर्षों में भी इसी के आस-पास कटऑफ रहती थी।
आहूजा ने बताया कि इस वर्ष 396 अंकों का पेपर हुआ। जिसके अनुसार ओपन कैटेगिरी की औसतन कट ऑफ 69 अंक, विषयवार मात्र 6 अंक, ओबीसी एवं एडब्ल्यूएस की औसतन 62 व विषयवार 5, एससी व एसटी व शारीरिक विकलांग वर्ग की औसतन 34 व विषयवार 3 अंक पर कट ऑफ रही। इस वर्ष कुल 1 लाख 50 हजार 838 विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल हुए। जिसमें से 43 हजार 204 विद्यार्थियों को काउंसलिंग के लिए घोषित किया गया। जिसमें सामान्य श्रेणी के 18 हजार 30, ओबीसी के 9349, ईडब्ल्यूएस की 5140, एससी के 7879, एसटी के 2818 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 36497 छात्र एवं 6707 छात्राएं शामिल हैं। इस वर्ष विदेशों में निवासरत विभिन्न श्रेणियों के 255 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 153 को काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई किया गया।

जोनवाइज टॉपर्स की स्थिति
आहूजा ने बताया कि टॉप 100 में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स मद्रास जोन के रहे। इस जोन से 28 स्टूडेंट्स ने टॉप 100 में स्थान प्राप्त किया। इसके बाद मुम्बई जोन के 24, दिल्ली जोन के 22, रूडकी जोन के 15, खडग़पुर के 8 एवं कानपुर के 3 विद्यार्थी शामिल हैं।


काउंसलिंग आज से
आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई के कुल 107 इंजीनियरिंग संस्थानों की 620 से ज्यादा प्रोग्राम्स के लिए आज से जोसा काउंसलिंग प्रारंभ होगी। इस वर्ष यह काउंसलिंग प्रक्रिया 13 नवम्बर तक छह चरणों में संपन्न होगी। विद्यार्थियों को 6 से 15 अक्टूबर तक कॉलेजज की च्वाइसेज भरने का विकल्प दिया गया है। प्रथम राउण्ड का सीट आवंटन 17 अक्टूबर को जारी होगा, विद्यार्थियों को इस वर्ष सीट आवंटन के पश्चात आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड कर ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी। विद्यार्थियों को च्वाइस फिलिंग का अवसर एक बार ही दिया गया है, अत: विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों के विकल्प को अपनी प्राथमिकता के घटते क्रम में भरें। विद्यार्थी गत वर्षों की कॉलेजों की ओपनिंग एवं क्लोजिंग रैंकों को देखते हुए कॉलेजों को चुनने के ट्रेण्ड का अनुमान लगा सकते हैं। विद्यार्थी अपनी रैंक के अनुसार गत वर्षों की क्लोजिंग रैंक से नीचे की रैंक वाले कॉलेज ब्रांचों को भी अपनी रुचि अनुसार कॉलेज प्राथमिकता सूची के क्रम में शामिल करे। जोसा काउंसलिंग में कॉलेजों को भरने से पूर्व अपनी प्राथमिकता के कॉलेजों की सूची कागज पर बनाकर उसका आंकलन कर ही ऑनलाइन भरें ताकि गलती होने की संभावना ना रहे। विद्यार्थियों को कॉलेज च्वाइस लॉक करने से पूर्व अवश्य पूर्ण चेक करें क्योंकि लॉक करने के उपरान्त उसमें बदलाव संभव नहीं होंगे।