
Rajasthan News: कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से केडीए में शामिल किए गए 289 गांवों के साथ नया मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। केडीए बनने के बाद पहली बार मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। केडीए में कोटा और बूंदी जिले के नए गांव शामिल किए गए हैं। इस कारण नए सिरे से मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। केडीए आयुक्त ऋषभ मंडल ने बताया कि केडीए के गठन के बाद इसकी सीमा में शामिल किए गए 289 गांवों के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें 2047 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत मास्टर प्लान बनाया जाएगा।
केडीए सचिव कुशल कुमार कोठारी ने बताया कि प्राधिकरण मास्टर प्लान बनाने वाले विशेषज्ञों से पूरा खाका तैयार करवाएगा। योजना को 27 माह में पूरा कर लिया जाएगा। इस पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मास्टर प्लान की निविदा टू बिड प्लान पर आधारित होगी। इसे 21 मार्च को ऑनलाइन जारी किया जाएगा। निविदा को लेकर 7 अप्रेल को केडीए सभागार में सुबह 11.30 बजे से प्री-बिड मीटिंग ली जाएगी। संवेदक इसके लिए 24 अप्रेल तक आवेदन कर सकेंगे। 25 अप्रेल को सुबह 11 बजे निविदा खोली जाएगी।
केडीए के गठन के साथ ही यूआईटी के मास्टर प्लान को अपडेट किया जा रहा है। टाउन प्लान में भविष्य की जरूरत को पर्याप्त स्थान दिया जाएगा। केडीए का पेरा-फेरी एरिया भी काफी बड़ा हो जाएगा। इस प्लान के अलावा भी विकसित की जाने वाली आवश्यक सुविधाओं के लिए एरिया रिजर्व किया गया है। कोटा में लाडपुरा, केशवरायपाटन, तालेड़ा पंचायत समिति का पूरा इलाका शामिल किया गया है। वहीं दीगोद का कुछ हिस्सा भी इसमें शामिल किया गया है। इससे शहर में 1.71 लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि शामिल हो जाएगी।
कोटा के यूआईटी के क्षेत्र का मास्टर प्लान 2031 तक का बना हुआ है। चार साल पहले जोनवार मास्टर प्लान बनाया गया था। इसमें शहर की 2031 तक की जरूरतों के अनुसार यह तैयार किया गया था। इसमें जिले के 64 राजस्व गांवों को शामिल किया गया था।
वर्ष 1971 में नगर विकास न्यास की स्थापना के समय शहर की जनसंख्या 2.13 लाख थी। वर्ष 2011 में कोटा की जनसंख्या 10 लाख से अधिक हो गई गई और कोटा का क्षेत्रफल 21000 एकड़ से बढ़कर 38000 एकड़ तक पहुंच गया। वर्तमान में करीब 15 लाख की आबादी आंकी जा रही है। वर्ष 2031 तक 21 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
केडीए बनने से कोटा जिले की पंचायत समिति लाडपुरा, बूंदी जिले के केशवरायपाटन एवं तालेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र समेत आसपास के 289 गांवों को शामिल किया गया है। अब ये शहरी सीमा में आ गए हैं। इससे एक लाख 71 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि कोटा शहर में शामिल हो गई। इसके चलते नया मास्टर प्लान बनाया जा रहा है।
Published on:
20 Mar 2025 02:27 pm
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