हे प्रभु...! विघ्नहर्ता के दरबार में विघ्न बनी यूआईटी, भक्त खा रहे ठोकर...

विघ्नहर्ता गणेश सभी के कष्टों को हरने वाले हैं, लेकिन इनका दरबार ही उपेक्षा का शिकार है। प्रवेश द्वार से लेकर गर्भ गृह तक जहां देखों हाल बुरे हैं।

By: ​Zuber Khan

Published: 15 Feb 2018, 11:17 AM IST

कोटा . विघ्नहर्ता गणेश सभी के कष्टों को हरने वाले हैं, लेकिन इनका दरबार ही उपेक्षा का शिकार है। प्रवेश द्वार से लेकर गर्भ गृह तक जहां देखों हाल बुरे हैं। मंदिर नगर विकास न्यास की अनदेखी का 'दंश' झेल रहा है। हम बात रहे हैं कोटा शहर के प्रसिद्ध खड़े गणेशजी मंदिर की। जहां एक ओर गणेश उद्यान की खूबसूरती लोगों को आकर्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर के पटान से लेकर दीवारें, फव्वारे तक की खस्ता हालत हैं। मंदिर लोगों की आस्था का केन्द्र है और हर दिन यहां सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं, बावजूद यहां की सुध नहीं ली जा रही।

 

Read More: दोस्त के घर किताब लेने जा रही किशोरी का बदमाशों ने किया अपहरण, शोर मचाया तो चलती गाड़ी से फेंका

बंद पड़े हैं फव्वारे
न्यास ने यहां मोटी रकम खर्च कर फव्वारे लगाए थे। मुख्य प्रवेश द्वार के पास चौक में तो फव्वारा चलता है, लेकिन प्रवेश द्वार से मंदिर के बीच लगा फव्वारा कभी चालू ही नहीं हुआ। फव्वारा कचरा पात्र बन गया है। फव्वारे के टैंक का तीन बार तो सौन्दर्यीकरण हो चुका, लेकिन पैसा धूल में जाता ही नजर आ रहा है। दरवाजे के पास पार्क वाला फव्वारा चलता है, लेकिन अब रंग-बिरंगी चमक नजर नहीं आती।

 

Read More: बेटी को High Education के लिए कोटा भेजा तो खाप पंचायत ने परिवार का हुक्का पानी किया बंद, एक लाख का ठोका जुर्माना

आधी लाइटें नहीं जलती
मंदिर के बाहर आधी लाइटें नहीं जलती। कई खंभों पर तो लाइटें ही नहीं। गणेश चतुर्थी पर जरूर ये लाइटें ठीक कर देते हैं। इसके बाद कोई देखने वाला नहीं। दुकानदार दयाराम बताते हैं कि गर्मी में सर्प, कीड़े-मकौड़े निकलने का भय रहता है। यहां खंभों पर लगे कुछ पैनल भी खुले हैं। तार जमीन पर पड़े हैं।


उखड़े पटान, टूटी डोलियां
फव्वारे के आस-पास की दीवारें आभा खो रही है। कहीं पत्थर दरक गए, कहीं से प्लास्टर उखड़ गया है। प्रवेशद्वार के पास पटान भी दरकने लगे हैं। कई बार लोग ठोकर खाकर गिर जाते हैं।

 

Read More: Video: हथकड़ी में जकड़ा राजस्थान का डॉन पहुंचा कोटा, चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस


यहां प्रवेश करना भी मुश्किल
सिंहद्वार के पास टॉयलेट्स में इतनी गंदगी है कि घुसना दु:श्वार हो जाता है। पानी की टोंटियां व शीट्स टूट गई हैं। पटान पर फिसलन हो रही है। मोबाइल की टॉर्च जलाकर लोग इसमें प्रवेश करते हैं। मंदिर में दर्शन करने आए शैलेष भटनागर बताते हैं कि यहां टॉयलेट की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे मंदिर के बाहर पार्क की दीवार के आस-पास गंदगी रहती है, फव्वारे वाले पार्क में सफाई नहीं होती।

 

Human Storie: जिस बेटी के जिंदा होने की उम्मीद खो चुकी थी मां, वह आंखों के सामने थी...

बरसात की चिंता अभी से
बरसात में यहां के हाल बुरे होते हैं। थोड़ी तेज बरसात में यहां पानी भर जाता है। दो साल पहले तक तो यह स्थिति थी कि गर्भ गृह के अंदर तक पानी जाता था। श्रद्धालु दो से तीन फीट पानी के बीच होते हुए दर्शन करते थे। मंदिर ट्रस्ट के मुख्य पुजारीओम सिंह बताते हैं कि इस बारे में कई बार न्यास को अर्जी दी, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बंदा, आवली समेत पूरे पठारी भाग का पानी यहां आता है। गोकुल प्रसाद यादव बताते हैं कि चारदीवारी को तोड़कर पानी निकालना पड़ता है। पानी के निकास की उचित व्यवस्था नहीं है।

Show More
​Zuber Khan
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned