बेटी को High Education के लिए कोटा भेजा तो खाप पंचायत ने परिवार का हुक्का पानी किया बंद, एक लाख का ठोका जुर्माना

Zuber Khan

Publish: Feb, 15 2018 10:09:20 (IST)

Kota, Rajasthan, India
बेटी को High Education के लिए कोटा भेजा तो खाप पंचायत ने परिवार का हुक्का पानी किया बंद, एक लाख का ठोका जुर्माना

बेटी को High Education के लिए कोटा भेजा तो खाप पंचायत का कहर परिवार पर टूट पड़ा। पंचायत ने पिता को 1 लाख 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

रावतभाटा. एक तरफ राज्य सरकार बालिकाओं को शिक्षा से जोडऩे के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं जावदा थाना क्षेत्र के केवड़ों का लुहारिया निवासी एक विवाहित बेटी को उच्च शिक्षा के लिए कोटा भेजकर पढ़ाई कराने पर समाज की खाप पंचायत ने विवाहिता के पिता को 1 लाख 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का फरमान सुना दिया। अर्थदंड की राशि देने से मना करने पर परिवार को समाज व गांव से बहिष्कृत कर दिया।

 

Read More: दोस्त के घर किताब लेने जा रही किशोरी का बदमाशों ने किया अपहरण, शोर मचाया तो चलती गाड़ी से फेंका

खाप पंचों के फैसले से पीडि़त विवाहिता लीला मेघवाल ने बुधवार को चित्तौडगढ़़ पुलिस अधीक्षक को मालखेड़ा के मांगीलाल बराला, कंवरपुरा के मोहनलाल, चुण्डावतों का लुहारिया के बद्रीलाल, जमनालाल, बलकुंडी के देवीलाल, कन्हैयालाल, केवड़ों का लुहारिया के कांशीराम, टोलू का लुहारिया के पन्नालाल समेत खाप पंचायत के आठ पंचों के खिलाफ परिवाद भेजा है।

 

Read More: Video: हथकड़ी में जकड़ा राजस्थान का डॉन पहुंचा कोटा, चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस

परिवाद में लीला ने बताया कि वह कोटा में रहकर बीए फाइनल की पढ़ाई कर रही है। उसके ससुर चुंडावतों का लुहारिया निवासी कालूराम मेघवाल ने 23 जनवरी को टोलू का लुहारिया गांव के माताजी मंदिर पर पंचायत बुलाई। जिसमें उसके पिता बाबूलाल व भाई लाभचंद को भी बुलाया। पंचों ने इनसे लीला को ससुराल भेजने को कहा। बाबूलाल ने पंचों से जब बेटी के कोटा में पढऩे की बात बताई तो पंच नाराज हो गए। लड़कियों को ज्यादा नहीं पढ़ाने, बाहर नहीं भेजने के समाज के नियम तोडऩे का आरोप लगाते हुए बाबूलाल को एक लाख दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का फरमान सुनाया।

 

Human Storie: जिस बेटी के जिंदा होने की उम्मीद खो चुकी थी मां, वह आंखों के सामने थी...

विरोध किया तो बोलचाल बंद
इस फरमान का जब लाभचंद ने विरोध किया व उसकी बहन के पति पप्पूलाल के शराब व भांग का नशा करने की शिकायत की तो पंचों से उसे अनसुना कर दिया। पंचों ने कहा कि पति शराबी है या नशेड़ी। लीला को ससुराल भेजना ही पड़ेगा। समाज के नियम तोड़े हैं। अर्थदंड की राशि अदा करनी पड़ेगी। राशि देने से मना करने पर पंचों ने उसे, उसके परिवारजनों को समाज, गांव से बहिष्कृत व गांव में आने पर इज्जत खराब करने की बात भी कही। इसके बाद समाज, गांव के लोगों ने उसके परिवार के लोगों से बात करना बंद कर दिया। गांव का कोई भी व्यक्ति उससे बात नहीं कर रहा है। परिवार के लोग अनहोनी के डर से गांव से बाहर नहीं जा पा रहे हैं।

 

Read More: हाईकोर्ट ने हिंडौन एसडीएम को गिरफ्तार करने के दिए आदेश

पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
परिवाद में आरोप लगाया कि पीडि़ता के पिता बाबूलाल जावदा थाने गए, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई किए बिना ही यह कहते हुए लौटा दिया कि तुम लोग समाज से बड़े हो गए क्या। जावदा थाना प्रभारी जमनालाल जटिया ने बताया कि दस दिन पूर्व केवड़ों का लुहारिया के बालूराम ने उसके समाज की पंचायत के पंचों के खिलाफ जावदा थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें उसकी बेटी को ससुराल नहीं भेजने पर उसे अर्थदंड से दंडित करने का पंचों द्वारा फैसला सुनाने का आरोप लगाया। पुलिस मामले में फिलहाल जांच कर रही है। प्रकरण दर्ज नहीं किया है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned