कोटा.कोटा के हैरिटेज चंबल रिवर फ्रंट पर बनाई जा रही वैश्विक धरोहर चायनीज पगोड़ा की प्रतिकृति का निर्माण कनाड़ा की लकड़ी से किया जा रहा है। इसके लिए कनाड़ा से येलो सिडार (कनाडा का देवदार) नाम की विशेष लकड़ी मंगवाई गई है। पगोडा में भवन व लकड़ी के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। अब इसमें रंगाई-पुताई व फिनिशिंग का काम चल रहा है।
कोटा चंबल रिवर फ्रंट पर चायनीज पगोडा की प्रतिकृति तीन मंजिला है। भवन के भीतर रेस्टोरेंट व किचन का संचालन किया जाएगा। तीन मंजिला भवन में लोग अलग-अलग तलों पर बैठकर चंबल रिवर फ्रंट के नजारों के व्यजंनों का आनंद ले सकेंगे। यानी कोटा में इस चायनीज स्टाइल की बिल्डिंग में चायनीज भोजन चायनीज स्टाइल में पेश किए जाएंगे।
विशेषताओं से भरी है येलो सिडार
कनाड़ा की येलो सिडार (देवदार की लकड़ी) कई विशेषताएं इसे खास बनाती है। यह काफी मजबूत होने के कारण लंबी आयु वाली, वजन में अन्य लकडि़यों से हल्की, सीधी रेशे वाली समरूप और कम घनत्व वाली होती है। ऐसे में मजबूत होने के साथ ही इस पर काम करना भी आसान होता है। इसके अलावा यह लकड़ी दीमक रोधी होती है। इसके साथ ही इस लकड़ी की अन्य लकड़ी की तुलना में आग से प्रतिरोधक क्षमता भी ज्यादा होती हैं।
छज्जों पर शुद्ध तांबे के सिजंल सजेंगे
चायनीज पगोडा को सुंदर बनाने के लिए इसके छज्जों पर शुद्ध तांबे के सिंजल लगाए जाएंगे। इसके अलावा इस पर तांबे की नालीदार चादरों के टुकड़े भी लगाए जाएंगे। इसकी लकड़ी पर लाल व हरा रंग इसकी चायनीज पगोडा का हूबहू रूप देगा। इससे बिल्डिंग बेहद खूबसूरत नजर आएंगी। येलो सिडार लकड़ी से इस भवन का लकड़ी का काम देखते ही बनेगा।
चायनीज फूड का ले सकेंगे लुत्फ
चंबल रिवर फ्रंट पर एक कतार में बन रही देश-विदेशी की प्रसिद्ध इमारतों के बीच चायनीज पगोडा अपनी विशेष डिजाइन से दूर से अलग ही नजर आएगा। यहां पर्यटन चाइनीज फूड का आनंद ले सकेंगे। इस चायनीज स्टाइल में परोसा जाएगा।
नगर विकास न्यास के सचिव राजेश जोशी ने बताया कि हैरिटेज चंबल रिवर फ्रंट पर विश्व स्तरीय चायनीज पगोडा का निर्माण तकरीबन पूरा हो चुका है। अब इस पर रंगाई-पुताई व फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसमें लोगों व पर्यटकों के लिए चायनीज फूड उपलब्ध करवाया जाएगा।