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जानिए देरी से क्यों पूरा होगा घर का सपना

रेरा पंजीकरण अवधि बढ़ाई, कोटा में इस साल करीब 5 हजार परिवार होंगे प्रभावित

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कोटा. नगर विकास न्यास से अनुमोदित और निजी डवलपर्स की योजना में बुकिंग कराने वालों को अब घर मिलने में देरी हो सकती है। सरकारी आकलन में यह बात सामने आई है कि मानसून से पहले निर्माण गतिविधियां पूरी तरह शुरू नहीं की जा सकती हैं। जिससे निर्माण कार्य शुरू होने में और विलंब होगा। मानसून के बाद दशहरा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के आने से मजदूरों के काम पर आने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में योजनाएं विलम्ब होगी। नगर विकास न्यास और निजी डवलपर्स की योजनाएं रेरा में कवर होती हैं। जिसके तहत समय पर आवास उपलब्ध कराने की कानूनी बाध्यता है। कोविड-19 से उपजे हालातों में अब डवलपर्स के लिए समय पर आवास देना मुश्किल होगा। इस कारण डवलपर्स और ग्राहकों के बीच कानूनी विवाद हो सकते हैं। इससे बचने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने के लिए केंद्र सरकार ने रियल स्टेट नियामक प्राधिकरणों को एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि रेरा के तहत पंजीकृत सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण स्वत: 6 महीने के लिए बढ़ा दिया जाए। यदि जरूरी हुआ तो इसे पुन: अगले 3 महीने तक बढ़ा सकते हैं। ऐसे में 9 माह विलम्ब हो सकता है। कोटा शहर में इस साल के अंत तक करीब पांच हजार लोगों को घर मिलने की उम्मीद थी, जिसमें देरी हो सकती है।
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इसलिए करना होगा इंतजार
रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 (रेरा) के तहत पंजीकृत रियल एस्टेट योजनाओं के अवरुद्ध होने से मुकदमेबाजी के बढऩे की भी आशंका है। इसका नतीजा यह होगा कि उन घर खरीदारों को फ्लैट की डिलीवरी नहीं हो पाएगी। जिन्होंने अपने सपनों के घर के लिए जीवन भर की कमाई का निवेश कर दिया है--

इस उपाय से घर खरीदारों को उनके फ्लैट, घरों की डिलीवरी पाने के अधिकारों का बचाव होगा। हालांकि इसमें कुछ महीनों की देरी होगी लेकिन, इससे परियोजनाओं का निर्माण कार्य सुनिश्चित हो सकेगा। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न हालात की वजह से निर्माण कार्य अवरूद्ध हो गया। जिससे कोटा सहित पूरे राज्य और देश निर्माण गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा।
-आर.डी. मीना, विशेषाधिकारी, नगर विकास न्यास, कोटा