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Kolana Gram Panchayat: पंचायत मुख्यालय के गांव की गलियां छह माह से जलमग्न

Kolana Gram Panchayat: कोटा जिले में लाडपुरा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मुख्यालय कोलाना में सरकार की योजनाओं के अमल की बात तो छोड़ो पंचायत स्तर पर भी पिछले 30 सालों में गांव की सुध तक नहीं ली गई।

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कोलाना गांव के रास्ते कीचड़ व बारिश के पानी से भरे

Kolana Gram Panchayat: पंचायत मुख्यालय के गांव की गलियां छह माह से जलमग्न

हाबूलाल शर्मा
Kolana Gram Panchayat: गांवों के विकास के लिए सरकार हर वर्ष प्रत्येक ग्राम पंचायत को करोड़ों रुपए का बजट देती है। इस बजट से गांवों में शौचालय, नाली, खरंजा, पानी, साफ-सफाई व पक्का निर्माण कराया जाता है, लेकिन कोटा जिले में लाडपुरा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मुख्यालय कोलाना में सरकार की योजनाओं के अमल की बात तो छोड़ो पंचायत स्तर पर भी पिछले 30 सालों में गांव की सुध तक नहीं ली गई।

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पिछले छह माह से आम रास्तों में भरा पानी
तीन हजार से ज्यादा आबादी वाले पंचायत मुख्यालय के गांव में खरंजा बनना तो दूर की बात उबड़-खाबड़ रास्तों में पिछले 6 माह से भरे बारिश के पानी के निकास तक की कोई व्यवस्था नहीं है। गांव में पंचायत मुख्यालय व स्कूल तक तो सड़क बनी हुई है। लेकिन गांव की अधिकांश गलियां कच्ची व उबड़-खाबड़ हैं। पानी की निकासी का रास्ता नहीं होने से गांव की कई गलियों में जुलाई में हुई बारिश का पानी अभी तक भरा हुआ है। इन रास्तों में छोटे बच्चों का निकलना तो मुश्किल है ही साथ ही घरों तक वाहनों के आने जाने का रास्ता भी बंद हो रहा है।

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नारकीय जिंदगी जीने के मजबूर
चौथमल गुर्जर ने बताया कि पंचायत मुख्यालय का गांव होने के बावजूद लोगों को नारकीय जिंदगी जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गुर्जर बाहुल्य इस पंचायत में पिछले तीस साल से सरपंच भी गुर्जर समाज का ही बन रहा है। अभी अमरकुंआ गांव की भूरी बाई गुर्जर सरपंच है। गांव के रास्तों में भरे पानी की पीड़ा सरपंच से लेकर पंचायत, जिला परिषद, विधायक तक कई बार की, लेकिन किसी ने भी पंचायत मुख्यालय के इस गांव की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया।

महिलाओं व बच्चों को सबसे से ज्यादा परेशानी
कमला बाई गुर्जर ने बताया कि गांव के रास्ता में कीचड़ व पानी भरा होने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों व महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कीचड़ व घुटनों तक भरे पानी में गर्भवती महिलाएं गिरकर घायल हो चुकी हैं।

पानी की भी समस्या
किशनलाल गुर्जर ने बताया कि गांव में पीने के पानी के लिए अमरकुंआ गांव से पानी की सप्लाई होती है। गर्मियों में तो 8-10 दिन में एक बार पानी आता है। बाकी लोगों को अपने पीने व जानवरों के लिए टैंकरों से व्यवस्था करनी पड़ती है। जुलाई के बाद तो अभी तक नलों में एक बार भी पानी नहीं आया।

अतिक्रमण बन रहा बाधा
गांव में जहां पानी भरा है वहां एक पुराना नाला निकल रहा है। ग्रामीणों ने नाले के दोनों मुहानों पर अतिक्रमण कर लिया। ऐसे में पानी की निकासी नहीं हो पा रही। अभी इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए पंचायत में जीपीडीपी प्लान में इस कार्य को ले रखा है। शीघ्र ही इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
-भूरी बाई गुर्जर, सरपंच, कोलाना ग्राम पंचायत, कोटा जिला