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happy birthday kota barrage…कोटा बैराज आज हो गया 62 साल का, राजस्थान का ऐसा एक मात्र बांध है जो 62 साल में कभी खाली नहीं हुआ

- नेहरूजी ने किया था 20 नवम्बर 1960 को कोटा बैराज का लोकार्पण

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happy birthday kota barrage...कोटा बैराज आज हो गया 62 साल का, राजस्थान का ऐसा एक मात्र बांध है जो 62 साल में कभी खाली नहीं हुआ

happy birthday kota barrage...कोटा बैराज आज हो गया 62 साल का, राजस्थान का ऐसा एक मात्र बांध है जो 62 साल में कभी खाली नहीं हुआ

कोटा. कोटा की समृद्धि का प्रतीक कोटा बैराज रविवार 20 नवम्बर को 62 साल का हो जाएगा। प्रदेश की एकमात्र सदानीरा चम्बल नदी पर बने चार बांधों में शुमार कोटा बैराज की बदौलत ही आज राजस्थान को कोटा थर्मल से बिजली मिलती है। कोटा में चौबीस घण्टे निर्बाध जलापूर्ति होती है। उद्योगों में कोटा चमकता सितारा है। इस बैराज से हाड़ौती और मध्यप्रदेश के किसानों के खेत सरसब्ज हो रहे हैं। 62 साल के सफर में बैराज की समुचित देखभाल नहीं होने से अब सेहत कमजोर हो गई है। अब उम्रदराज बैराज को मरम्मत की ऑक्सीजन की दरकार है। केन्द्रीय जल आयोग की टीम ने भी पिछले साल बैराज की सेहत की जांच की थी, उसके बाद मरम्मत के लिए 45.86 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था, लेकिन अभी तक मंजूर नहीं हुआ है। बजट की दरकार है। कोटा बैराज बांध का निर्माण कार्य 1953 से शुरू हुआ था, 20 नवम्बर 1960 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने इसका लोकार्पण किया था।
चम्बल नदी के पानी का सिंचाई व विद्युत उत्पादन में उपयोग के लिए मध्यप्रदेश के गांधी सागर, राजस्थान के राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर व कोटा बैराज का निर्माण कार्य करवाया गया था। कोटा बैराज चम्बल नदी घाटी बहुउददेशीय परियोजना का अंतिम कम्पोजिट स्ट्रक्चर है। नदी का जलस्तर ऊंचा कर दाईं व बाईं मुख्य नहर में जल प्रवाहित किया गया। कोटा बैराज के अधिशासी अभियंता भारतरत्न गौड़ ने बताया कि कोटा बैराज दो भागों में बना हुआ है। एक भाग दाहिनें किनारे पर मिटटी का बांध बना हुआ है, जो प्राचीन गढ़ पैलेस से सटा हुआ है। दूसरा भाग पक्का स्लीपवे है।

राजस्थान-मध्यप्रदेश की भूमि को कर रहा सिंचित
कोटा बैराज से राजस्थान व मध्यप्रदेश की पांच लाख हैक्टेयर से अधिक जमीन सिंचित हो रही है। कोटा, बूंदी शहर व औद्योगिक क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है।

जीर्णेाद्धार व आधुनिकीकरण की दरकार

बैराज पर विगत सालों में जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण के कार्य पर कोई बड़ी राशि खर्च नहीं की गई, जबकि जीर्णेाद्धार आधुनिकीकरण के कार्य की जरूरत है। कोटा बैराज को हर साल जलदाय विभाग व थर्मल प्रशासन से 8 से 9 करोड़ रुपए की आय होती है। यह सरकार के खजाने में जाती है, लेकिन सरकार की ओर से मरम्मत पर बड़ी राशि नहीं दी जा रही है। हाल ही कोटा बैराज के मरम्मत, जीर्णोद्धार और सुधार परियोजना के तहत वल्र्ड बैंक को 45.86 करोड़ के प्रस्ताव भिजवा रखे हैं, लेकिन वे अधरझूल में चल रहे हैं।
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फैक्ट फाइल
कोटा बैराज

- 19 रेडियल गेट
- 2 स्लूज गेट

- 854 फीट जलस्तर
- 3957 मिलीघन फीट कुल जल भराव क्षमता

- 552 मीटर बांध की कुल लंबाई
- 5 लाख हैक्टेयर भूमि राजस्थान व मध्यप्रदेश की सिंचित होती है