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मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा…सरीखे भजन सुन श्रोताजन हो गए मंत्रमुग्ध, दशहरा मेले में पाश्र्व गायिका अनुराधा पौडवाल ने भजनों की रसधार बहाई

सुर ताल के तारतम्य के बीच पाश्र्व गायिका अनुराधा पौडवाल ने भजनों की ऐसी रसधार बहाई कि माहौल में भक्तिरस घुल गया। दशहरा मेले में गुरुवार रात आयोजित भजन संध्या में पौडवाल ने गणपति वंदना से आगाज किया।

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Shailendra Tiwari

Oct 21, 2016

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धवल चांदनी और वाद्ययंत्रों से बहते सुर ताल के तारतम्य के बीच पाश्र्व गायिका अनुराधा पौडवाल ने भजनों की ऐसी रसधार बहाई कि माहौल में भक्तिरस घुल गया। दशहरा मेले में गुरुवार रात आयोजित भजन संध्या में पौडवाल ने गणपति वंदना से आगाज किया।

इसके बाद मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा..., जय मां अंबे, जय जगदंबे है मात मेरी..., ओ पालनहारे तुम रे बिन हमरा कोन नहीं... मेरो तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई..., बसो-बसो मोरे नैनन में नंदलाल, मोहनी मूरत सांवरी सूरत नैना बने विशाल...सरीखे भजनों की सरिता बहती चली गई। उनके मुख से जय मां जगदम्बे जय मां काली... काम कोई करने से पहले मैं तो लेती हूं मैया का नाम..., मां मुझे शक्ति देना बन जाए मेरे काम... जैसे भजनों से पूरा मेला परिसर भक्तिमय हो गया। फू लों की होली के दौरान जयकारे लगते रहे।

....तो ठाकुर की अटूट कृपा बरसेगी

भजन संध्या के दौरान उन्होंने कहा कि अगर आज की रात माता रानी व गोविंद कृष्णा के नाम दोगे तो ठाकुर की अटूट कृपा बरसेगी। भक्ति में संगीत का संसार छिपा है। मंच पर भजन संध्या के दौरान चौपाइयों की हुई लगातार प्रस्तुतियों ने माहौल में भक्तिरस घोल दिया। राम सियाराम जय-जय राम की धुन पर श्रोताजन आराधना में लीन हो गए। रघुकुल रीत सदा चली आई... की मनमोहक प्रस्तुति दी। दर्शक दीर्घा में लोग मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे।

फरमाइश पर गाए देशभक्ति गीत

पौडवाल ने मीठे रस से भरी राधा रानी लागी..., कीर्तन की है रात बाबा आज थाणे आनो है..., कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना प्रभु जी चले आना..., नजर के सामने जिगर के पास, कोई रहता है वो हो तुम..., दिल दिया है जान भी देंगे ए वेतन तेरे लिए... गानों की शानदार प्रस्तुति दी गई।

इन्होंने दिया साथ

पौडवाल के साथ आए भजन गायक मनजीत ने भी भक्ति गीतों से समां बांध दिया। उन्होंने सांवरिया तन-मन नाचे मोरा..., श्याम मेरी बंसुरी पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन घायल कर जाती है..., ये दौलत भी ले लो, ये शौहरत भी ले लो... गीत सुनाया।

इधर भी देर रात तक झूमे

उधर, किसान रंगमंच पर कलाकारों ने राजस्थानी और पंजाबी गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी। रीमिक्स गीतों पर नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। देर रात तक फिल्मी तरानों पर दर्शक झूमते रहे।

कोटा की जनता का प्यार है, जिन्होंने वापस बुलाया

पाश्र्व गायिका अनुराधा पौडवाल ने आज के दौर में मन को छू जाने वाले गानों के बारे में बताते हुए कहा कि गाने कितने भी अच्छे हों, जब तक उनको लोगों तक पहुंचाने वाला अच्छा ना हो तब तक पब्लिक का प्यार नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि माता रानी की कृपा रही जो भजन के साथ फिल्मों में जाने का मौका मिला। इसके लिए टी सीरिज को धन्यवाद देती हूं। मेरे कॅरियर को बनाने का सबसे बड़ा योगदान गुलशन कुमार को जाता है। नदीम-श्रवण के साथ भी अच्छी जोड़ी रही और काफी बेहतरीन गाने का मौका मिला। उन्हें चार फिल्म फेयर अवार्ड मिले हैं। पौडवाल ने कोटावासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कोटा की जनता का प्यार है, जिन्होंने मुझे वापस बुलाया।

गांधी साहित्य पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन

जिला सर्वोदय मण्डल ने दशहरा मेला में गांधी दर्शन पर आधारित साहित्य की प्रदर्शनी शुरू की है। इसका उद्घाटन गुरुवार को लघु उद्योग काउंसिल के अध्यक्ष एलसी बाहेती व सर्व समग्र सेवा संघ प्रदेशमंत्री दशरथ कुमार ने गांधी के चित्र पर सूत की माला पहनाकर किया। प्रदर्शनी शाम 7 से 11 बजे तक खुली रहेगी।