
पूरे प्रदेश में मारधाड़-हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में कोटा शहर अव्वल है। चाकूबाजी के मामलों में विख्यात कोटा में पिछले साल 2022 में 26 मामले दर्ज हुए, जो प्रदेश के सभी जिलों से कई गुना अधिक हैं। एनसीआरबी की साल 2022 की रिपोर्ट के विश्लेषण में तो कोटा शहर में अधिक अपराध होने के आंकड़े सामने आए हैं। नेशनल क्राइम रेकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की हाल ही जारी रिपोर्ट में कोटा में 26 ऐसे मामले दर्ज हुए। उसके बाद उदयपुर में 16 तथा भीलवाड़ा में 10 मामले दर्ज हुए, जबकि झालावाड़ में 6 मामले हैं।
अब बात करें हत्या के मामलों की तो कोटा शहर व झालावाड़ प्रदेश में तीसरे नम्बर पर हैं, जबकि उदयपुर जिला अव्वल है और दूसरे नम्बर पर डूंगरपुर है। पहले नम्बर पर उदयपुर है, जहां 2022 में 9 हत्या के मामले दर्ज हैं, जबकि दूसरे नम्बर पर डूंगरपुर जहां 8 हत्याएं हुई। कोटा ग्रामीण, बूंदी व बारा में एक भी मामले नहीं हैं। तीनों ही जिले हत्या जैसे संगीत अपराधों से भी बचे हुए हैं।
हत्या के मामलों में इस साल चौंकाने वाले आंकड़े
वर्ष 2023 की बात करें तो कोटा शहर में हत्याएं ज्यादा हुई। जनवरी से लेकर अभी तक लगभग एक दर्जन हत्या के मामले दर्ज हो चुके हैं। आरकेपुरम थाना क्षेत्र में राधेश्याम मेहरा, रेलवे कॉलोनी क्षत्र में हनुमान, उद्योग नगर थाना क्षेत्र में महिला लक्ष्मी, कुन्हाड़ी में दीपक, जवाहर नगर में महिला भावना, किशोरपुरा थाना क्षेत्र फिरोज, कुन्हाड़ी में राहुल गांधी, रानपुर थाना क्षेत्र में रतन भील, अनन्तपुरा थाना क्षेत्र में नवीन त्यागी, गुमानपुरा थाना क्षेत्र में महिला कमलेश कुमावत, नांता क्षेत्र में नरेश गुजराती की हत्या के मामले सामने आ चुके हैं।
Published on:
09 Dec 2023 12:32 am
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