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राजस्थान के इस शहर के धनिये ने विदेशों तक बनाई अपनी पहचान,कई बीमारियों में करता है रामबाण इलाज

राजस्थान के इस शहर के धनिये ने विदेशों तक बनाई अपनी पहचान,कई बीमारियों में करता है रामबाण इलाज

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कोटा

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Rajesh

May 12, 2018

Coriander Seed

कोटा

वैसे तो धनिया सब्जी का जायका बढ़ाता है तो वहीं चटनियों में इसका स्वाद तीखेपन को दूर करता है। इतना ही नहीं धनिया हम भारतीय के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।
चाहें सूखा धनिया हो या फिर हरी ताज़ा पतियों वाला धनिया। यदि हम मांसाहारी भोजन की बात करे तो गंध को खुशबू में तब्दील करने का भी काम करता है धनिया। धनिये का प्रयोग तो वैसे मसालों में विशेषकर होता है लेकिन क्या आपको पता है कि धनिये से तेल भी निकलता है, जो विशेष रूप से पेट सम्बंधित रोगों के रूप में निर्मित होने वाली दवाइयों में भी काम में लिया जाता है। आज हम आपको राजस्थान के एक ऐसे मंडी के बारे में बताने जा रहे जहां से ये धनिया देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक अपनी पहचान बना चूका है।


जी हां राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी में स्थित ये मंडी एशिया की नंबर वन धनिया मंडी है। अगर धनिये को इस शहर की लाइफलाइन भी कहा जाएं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि शहर की अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से विशिष्ट श्रेणी की इस मंडी में लगभग छह सौ व्यापारी तो वहीं डेढ़ हजार मुनीम व करीब चार सौ हम्माल प्रत्यक्ष रूप से इस मंडी से जुड़े हुए हैं।

देश में धनिये के कुल उत्पादन में 70 प्रतिशत हिस्से पर हाड़ौती संभाग का कब्ज़ा है। तो वहीं हाड़ौती में स्थित धनिया की विशिष्ट श्रेणी की मंडी है रामगंजमंडी जहां धनिये का सालाना 20 लाख बोरी का व्यापार होता है। वहीं विगत 40 वर्षों से ये मंडी धनिये के व्यापार में एक लीडर के तौर पर उभरकर के आई है और इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है की पूरे देश की मंडियां जहां धनिये का व्यापार होता है वहां पर भी धनिये के भावों का निर्धारण रामगंजमंडी के धनिये के भावों के आधार पर होता है। धनिये की सर्वाधिक खपत मुस्लिम राष्ट्रों में होती है जिसमें ताईवान,ताजीकिस्तान,पाकिस्तान व बांग्लादेश के साथ ही कई अन्य देश प्रमुख हैं जहां धनिये का निर्यात होता है।