कोटा. अहंकारी रावण ने दशहरा मैदान के विजयश्री रंगमंच पर आते ही अकड़ दिखाना शुरू कर दिया है। रावण ने ऐसा दम भरा कि रावण का पुतला खड़ा करने के लिए नगर निगम को पूरा अमला जुटाना पड़ा है। पुतले को खड़ा करने के लिए क्रेन की मदद ली जा रही है। पुतले को खड़ा करने में करीब 18 घंटे तक मशक्कत चली। निगम आयुक्त वासुदेव मालावत और मेला अधिकारी कीर्ति राठौड़ भी मौके पर डटे रहे। वहीं मेघनाद का पुतला खड़ा करते समय धाराशाही हो गया। जमीन पर गिरने से पुतले का एक भाग क्षतिग्रस्त भी हो गया।
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रावण कुनबे को अलग-अलग हिस्सों में लकड़ी के पेड़े की मदद से सोमवार सुबह सात बजे से खड़ा करने में जुटे रहे। करीब 150 जनों की टीम रावण कुनबे को खड़ा करने में जुटी रहीं। रावण खड़ा करने में निगम के सभी अनुभागों की टीम जुटी। रावण को खड़ा करने में क्रेन की सहायता ली गई। रात 2 बजे तक रावण के पुतले को खड़ा करने की मशक्कत चल रही थी। अल सुबह 4 बजे करीब रावण के कुनबे को खड़ा किया जा सका।
रंग बदलेगी रावण की अचकन
आरकेपुरम क्षेत्र में थाने के पास भागीरथ जन सेवा संस्थान के तत्वावधान में रावण दहन किया जाएगा। समिति के प्रेम प्रकाश सुमन ने बताया कि 70 फीट के रावण व 35-35 फीट के मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। रावण अट्टाहास करेगा, पलक झपकाएगा, साथ ही अचकन का रंग भी बदलेगा। कार्यक्रम रात को 8 बजे शुरू होगा। मुख्य अतिथि यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल होंगे।
रामजी की सेना को घूरेगा दशानन
रेलवे वर्कशॉप कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में शिव मंडल विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के तहत दशमी पर मंगलवार को 9 बजे रावण दहन किया जाएगा। अध्यक्ष प्रतापभान सिंह ने बताया कि 72 फीट ऊंचा रावण, 45-45 फीट के मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले होंगे। रावण मुड़मुडकर देखेगा। पलकें झपकाएगा, तलवार भी चलाएगा। रावन के पुतले को दहन स्थल पर खड़ा कर दिया गया है।