Greenfield Airport Kota: केन्द्र और राज्य सरकार के बीच कोटा के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को धरातल पर उतारने की योजना फुटबॉल बन गई है।
कोटा। Greenfield Airport Kota: केन्द्र और राज्य सरकार के बीच कोटा के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को धरातल पर उतारने की योजना फुटबॉल बन गई है। एयरपोर्ट की फाइलें चार साल से जयपुर और दिल्ली के गलियारों में घूम रही हैं। कोटा के लोगों का सवाल यह है कि आखिर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को कब ग्रीन सिग्नल मिलेगा। केन्द्रीय उड्यन मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को लेकर बयान दे चुके हैं, लेकिन धरातल पर बात नहीं बन रही है।
500 हैक्टेयर जमीन प्रस्तावित
ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट शम्भूपुरा में बनाया जाना है। इसके लिए जमीन तय हो गई है। इसमें 500 हेक्टेयर जमीन एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित है, इसमें से 466.592 हेक्टेयर भूमि है। नगर विकास न्यास अपने खाते की 33.408 हेक्टेयर वन भूमि का आवंटन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम 3 अगस्त 2022 को ही कर चुकी है। राज्य सरकार की ओर से राशि जमा करानी है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इस संबंध में पिछले माह केन्द्र ने राज्य सरकार को पत्र भी लिखा है।
कोटा में एयरपोर्ट की सख्त जरूरत है। केन्द्र और राज्य सरकार के बीच जो भी औपचारिकताएं है, उसे पूरा कर जल्द काम शुरू किया जाना चाहिए। एयरपोर्ट शुरू होने व हवाई सेवा शुरू होने पर स्वत: ही निवेशक आएंगे। कोटा ट्यूरिज्म और इंडस्ट्रीयल हब बन सकेगा।-गोविंद राम मित्तल संस्थापक अध्यक्ष एसएसआई एसोसिएशन
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का काम जल्द शुरू होना चाहिए। एयरपोर्ट कोटा की जरूरत है। केन्द्र और राज्य सरकार को मिलकर जो बाधाएं आ रही है, उन्हें दूर किया जाना चाहिए। कोटा के लोगों को केन्द्र और राज्य के नेतृत्व से एयरपोर्ट को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। इसमें सकारात्मक प्रयास होने चाहिएं।-अशोक माहेश्वरी, महासचिव कोटा व्यापार महासंघ
कब तक हम वाया जयपुर आएंगे
कोटा में भी एयरपोर्ट अति आवश्यक है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम जल्द शुरू किया जाए। हवाई सेवा नहीं होने के कारण काफी परेशानी होती है। हमने पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है, फिर वहां से टैक्सी या प्लेन से जयपुर, उदयपुर आना पड़ता है। फिर टैक्सी से कोटा आना पड़ता है। इससे समय और पैसा ज्यादा लगता है।-रजनीश सोनगरा फ्रैंकफर्ट जर्मनी (विज्ञान नगर निवासी)