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दो साल से बंद लिफाफे खुले, मिली नियुक्तियां , साक्षात्कार के बाद 26 अक्टूबर 14 को बंद हुए थे लिफाफे

कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे कोटा विश्वविद्यालय को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। दो साल पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आवेदकों को नियुक्ति देने पर लगी रोक राज्य सरकार ने हटा ली है। जिसके बाद आठ पदों पर 74 कर्मचारियों की तैनाती का रास्ता खुल गया है।

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कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे कोटा विश्वविद्यालय को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। दो साल पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आवेदकों को नियुक्ति देने पर लगी रोक राज्य सरकार ने हटा ली है। जिसके बाद आठ पदों पर 74 कर्मचारियों की तैनाती का रास्ता खुल गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी चयनिति कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी कर ज्वॉइनिंग देना शुरू कर दिया है।

मई 13 में विवि ने आठ पदों पर 74 कर्मचारियों का चयन करने के लिए आवेदन मांगे थे। चयन समितियों ने अगस्त से लेकर अक्टूबर 2014 तक आवेदन करने वाले अभ्यार्थियों के साक्षात्कार लेने के बाद कर्मचारियों का चयन कर उनके नाम बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बोम) से मंजूरी दिलाने के लिए विवि प्रशासन को सौंप दिया। तत्कालीन कुलपति प्रो. मधुसूदन शर्मा ने 26 अक्टूबर 2014 को बोम की बैठक बुलाई, लेकिन पुरानी नियुक्तियों में भाई-भतीजों को तरजीह देने के आरोप लगने के बाद कुलपति ने अचानक बैठक रद्द कर दी। इसके बाद उनका कार्यकाल खत्म हो गया।

विवाद के बाद जांच

तत्कालीन कुलपति और चयन समिति के सदस्यों पर अपने परिजनों और रिश्तेदारों को नौकरी दिए जाने के आरोप लगने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने प्रो. मधुसूदन शर्मा के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही नियुक्तियों का विवाद विधानसभा में उठने के बाद राज्य सरकार ने मार्च 2015 में जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2012 और 2013 की नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ ही वर्ष 2014 में आवेदन करने वाले अभ्यार्थियों के लिफाफे खोलकर उन्हें जांच समिति को सौंपने के भी निर्देश जारी कर दिए। समिति को नियुक्तियों की जांच करने में करीब डेढ़ साल का वक्त लगा। जांच पूरी करने के बाद राजस्थान विवि के कुलपति जेपी सिंघल ने पिछले महीने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार सौेंप दी। जिसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा ने 4 नवंबर को कोटा विवि में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने के आदेश जारी कर दिए।

रंग लाई मेहनत

कुलसचिव डॉ. संदीप सिंह चौहान ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटने के बाद आठ पदों के लिए चयनित सभी 74 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए। करीब 60 कर्मचारियों को ज्वॉइनिंग भी दे दी गई है। इनमें अधिकांश विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से ही संविदा पर कार्य कर रहे थे।

इन पदों पर नियुक्ति

पद संख्या

एलडीसी 30

चतुर्थ श्रेणी 29

कम्प्यूटर ऑपरेटर 04

स्टेनोग्राफर 03

संगणक 02

बुक अटेंडेंट- 02

ड्राइवर 03

सहायक निदेशक (पीटी) -01