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रैंकिंग में भद पीटने के बाद अब सफाई पर ध्यान देगा नगर निगम, 400 करोड़ के बजट से होगी ज्यादा सफाई

कोटा. नगर निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 400 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया जा सकता है।

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कोटा

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Deepak Sharma

Jan 30, 2018

nagar nigam kota

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कोटा . नगर निगम का अगला बजट शहर की सफाई को समर्पित रहने की संभावना है। सफाई मद पर सबसे ज्यादा राशि का प्रावधान किया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 400 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया जा सकता है। निगम के अधिकारी बजट की तैयारी में जुट गए हैं।
महापौर महेश विजय के निर्देश पर आयुक्त ने 8 फरवरी को बजट बैठक की सोमवार को सूचना जारी कर दी है। हालांकि अभी एजेण्डा जारी नहीं किया गया है। सूचना में कहा गया है कि जल्द ही बैठक के एजेण्डे की प्रति भेज दी जाएगी। राज्य के आम बजट से पहले निगम का बजट पेश किया जाना है। सूत्रों का कहना है कि इस बार बजट सफाई मद पर ज्यादा रहेगा। निगम ने काफी जद्दोजहद के बाद शहर के सभी वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण की योजना शुरू कर दी है। निगम में सालाना करीब 70 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया था।


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पिछले साल 398 करोड़ का बजट
पिछले साल निगम ने 398.42 करोड़ रुपए का बजट अनुमोदित किया गया था। महापौर महेश विजय का कहना है कि सफाई के साथ आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान करने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए बजट प्रावधान बढ़ाया जाएगा। सभी अनुभागों से उनकी क्या-क्या जरूरतें है, इसके हिसाब से प्रस्ताव मांगे गए हैं।

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समितियां दरकिनार
पिछले तीन वर्ष बजट से पहले नगर निगम सभी समितियों की बैठकें की जाती थी। समितियों की ओर से शहर की जरूरतों के हिसाब से प्रस्ताव तैयार किए जाते थे। सभी प्रस्ताव वित्त समिति को भेज दिए जाते थे। वित्त समिति सभी प्रस्तावों के आधार पर हर वर्ष बजट तैयार करती थी, लेकिन इस बार समितियों को निगम प्रशासन ने दरकिनार कर दिया है । किसी भी समिति ने प्रस्ताव नहीं मांगे गए हैं। इस बारे में समिति अध्यक्षों ने आपत्ति भी जताई है।


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नहीं मिलेगा ओवर टाइम का भुगतान
निगम प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए ओवरटाइम भुगतान से इनकार कर दिया है। दशहरा मेले के दौरान निगम कर्मचारी ड्यूटी टाइम के अतिरिक्त छह से आठ घण्टे ड्यूटी देते हैं। मेला समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा ने कर्मचारियों को अतिरिक्त डयूटी देने पर ओवरटाइम का भुगतान करने की मांग उठाई थी। इसके बाद यह प्रस्ताव पिछली बोर्ड बैठक में रखा गया था, जिसे सभी पार्षदों ने एकराय से पारित कर दिया था। आयुक्त की ओर बैठक की पालना रिपोर्ट हाल ही जारी की गई। इसमें कहा कि निगम के नियमों में मंत्रालयिक कर्मचारियों को ओवरटाइम का भुगतान करने का कोई नियम नहीं है।

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बैठक का एजेण्डा एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। बोर्ड बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने, पशुओं की ट्रैकिंग करने, सिटी बसों के संचालन, व्यक्तिगत शौचालय के लिए अनुदान जारी रखने सहित अन्य मसले भी शामिल किए जाएंगे।

महेश विजय, महापौर